हाईकोर्ट ने दिए आदेश, गंगा और यमुना को मिले इंसानो जैसे अधिकार

ganga river 20 03 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़- नैनीताल हाईकोर्ट ने हुए गंगा और यमुना नदी को जीवित मानते हुए हुए केंद्र सरकार को इन्हें इंसानों की तरह अधिकार देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गंगा नदी से निकलने वाली नहरों आदि संपत्ति का बंटवारा आठ सप्ताह में करने के आदेश पारित किए हैं। अदालत ने पवित्र गंगा नदी को देश की जीवित इकाई के रूप में पहचान दी है।

कोर्ट ने केंद्र से जल्द गंगा प्रबंधन बोर्ड बनाने के आदेश दिए हैं। सोमवार को वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व् न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ में हरिद्वार निवासी मो. सलीम की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने डीएम देहरादून को 72 घंटे के भीतर शक्ति नहर ढकरानी को अतिक्रमण मुक्त करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
याचिका में कहा गया था कि दोनों राज्य गंगा से जुडी नहरों की परिसंपत्ति का बंटवारा नही कर रहे हैं। कोर्ट के समक्ष केंद्र व् राज्य सरकार के अधिकारी पेश हुए और उन्होंने गंगा संरक्षण को उठाये कदमो की जानकारी दी , मगर कोर्ट सरकारों के रुख से बेहद खफा थी।
बता दें कि कुछ दिनों पहले ही न्यूजीलैंड ने उत्तरी द्वीप में बहने वाली वांगानुई नदी को एक जीवित संस्था के रूप में मान्यता देने वाला बिल पारित किया है। इसके बाद इस नदी को जीवित इकाई के रूप में मान्यता प्राप्त हो गई है और उसे इंसानों के समान अधिकार मिल गए हैं।