मंथन ऩ्यूज पोहरी. रिपोर्ट हितेश जैन -शिवपुरी जिले से 35 किमी दूर जिले की पोहरीं तहसील में इन दिनों प्राइवेट स्कूल संचालकों की मनमानी चरम सीमा पर है पोहरीं तहसील में आस पास के ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे पोहरीं में प्राइवेट स्कूल में पढ़ने के लिए आते है स्कूल संचालकों द्वारा झूठे विज्ञापन जारी करके बच्चो के भविष्य के साथ खिलबाड़ कर रहे है है देखा जाए तो बच्चों के लिए विद्यालय भविष्य की पहली सीढ़ी होती है और वास्तविकता में होता भी यही है लेकिन आज के आधुनिक और व्यापारिक युग में स्कूल संचालकों द्वारा शिक्षा को पूरी तरह व्यापार का अड्डा बना लिया है और चंद पैसों के लिए कई स्कूल संचालक बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं। इनके द्वारा अभिभावकों तथा छात्रों के साथ धोखाधड़ी खुलेआम जारी है। इस ओर प्रशासन हर वर्ष ध्यान देने की बात करता है प्राइवेट संचालको द्वारा एक मोटी रकम शिक्षा विभाग को दी जाती है तभी तो कारबाई के नाम पर कुछ नही होता नियम की बात की जाए तो जिस विधालयो को जिस कक्षा तक मान्यता प्राप्त है वह स्कूल उसी क्लास तक के बच्चों को एडमिशन दे सकता है, परंतु यहां कुछ स्कूल जिनके पास पांचवे तक की मान्यता है बेखौफ अंदाज में आठ वीं तक एडमिशन दे रहे हैं और जिनके पास आठ वीं तक की मान्यता है वे 12 वीं तक के बच्चों को प्रवेश दे रहे हैं। पोहरीं क्षेत्र में दर्जनो विद्यालय पर मान्यता कम कक्षा की है पर वो विधालयो को अपनी मर्जी से 10 वी या 12 वी तक संचालित कर रहे है पोहरीं क्षेत्र में शिक्षा विभाग का जो इन संचालको को।आशीर्वाद प्राप्त है
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मान्यता देखा कर ही करे अपने बच्चों का एड्मिसन-पोहरीं क्षेत्र में पालक अपने बच्चों का भविष्य संवारना चाहते हैं और उनको किसी स्कूल में प्रवेश दिलाने जा रहे हैं तो सावधान हो जाइए। अभिभावक स्कूल में प्रवेश से पहले स्वयं स्कूल की मान्यता की हकीकत जानें,की उसके द्वारा अपने बच्चों को जिस विद्यालय में भर्ती कर रहे है उस क्लास तक की मान्यता प्राप्त है कि नही है।उसके बाद उस विद्यालय में अपने बच्चों को प्रवेश दिलवाए
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मप्र एज्युकेशन पोर्टल से मिल सकती है विद्यालय की जानकारी-जुलाई माह में विद्यालय खुलने।से पहले से ही विद्यालय संचालको द्वारा गांव-गांव में जाकर बच्चो को अपने विद्यालय में एडमिसन के लिया प्रयास करते है विद्यालय की मान्यता को भी बड़े के बताते है जबकि इसकी जानकारी हम मप्र एज्युकेशन पोर्टल पर ले सकते है
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पोहरीं में नियमों का उल्लंघन करने पर नही होती कारबाई- पोहरीं में शिक्षा विभाग के मुखिया किस प्रकार सोए हुए है इसका अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता कि पोहरीं में दर्जनो विधालयो पर मान्यता 8 वी होने ले बात भी 10 बी तक संचालित कर रहे थे 10 बी विद्यालय वाले 12 वी तक संचालित कर रहे है पर आज तक पोहरीं शिक्षा विभाग के अधिकारियो ने इन विधालयो पर कारबाई तक नही की सूत्र की माने तो एक मोटी रकम हर वर्ष इन मुखिया को भेजी जाती है
इनका क्या कहना है
पोहरीं में यदि बिना मान्यता के स्कूल संचालित है 8 वी मान्यता प्राप्त विद्यालय 10 वी,12 वी तक के बच्चों का एडमिसन ले रहे है विकास खंड शिक्षा अधिकारी व बी.आर.सी.सी से विधालयो की सूची मांगकर जांच की जाएगी यदि विद्यालय इस प्रकार एडमिसन ले रहे है तो कारबाई की जाएगी
अंकित अस्थाना एस. ड़ी. एम पोहरीं

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