विदेश नीति पर संसद में चर्चा, सुषमा ने कहा- सबका जवाब दूंगी

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच घमासान जारी है। राज्यसभा में देश की विदेश नीति पर चर्चा हो रही है। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने सदन में पीएम मोदी के विदेश यात्रा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बताया कि पाकिस्तान के साथ क्या बात हुई। पीएम को पाक में गार्ड ऑफ ऑनर तक नहीं मिला और तोहफा आया पठानकोट हमला। 65 देशों में जा चुके हैं पीएम मोदी, सदन को नहीं बताया कि क्या मिला। पीएम मोदी का शौक है अकेले जाना, मजबूरी में मंत्री को ले जाते हैं।प्रोटोकॉल को तोड़ते हुए पीएम मोदी केवल जहाज से इसलिए अकेले उतरते हैं क्योंकि फ्रेम में कोई और न आए। आनंद शर्मा ने पीएम मोदी के 2014 का बयान याद दिलाया जिसमें मोदी ने पाक के पीएम को बिरयानी खिलाने का जिक्र किया था। पीएम मोदी मन की बात तो करते हैं लेकिन ऐसे मामलो में चुप्पी साध लेते हैं।

पीएम मोदी ने अमेरिका में कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक ने दुनिया को झुका दिया, अजीब बात है दुनिया मान गई पड़ोसी नहीं मान रहा है। अानंद शर्मा ने कहा कि 1971 में सेना की सबसे बड़ी जीत हुई थी लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कभी ऐसा बयान नहीं दिया। आपने कभी उनका (इंदिरा गांधी) का नाम नहीं लिया। आपके राजनीतिक विचारधारा अलग हो सकती है लेकिन आप इतिहास दोबारा नहीं लिख सकते। 

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने  कहा कि  विदेश नीति पर किसी सांसद को रोकने के लिए जरूरत नहीं। मैं सबका जवाब दूंगी। जितनी चाहें अवधि बढ़ा दें। 

बता दें कि इससे पहले भी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने डोकलाम में चीन की मौजूदगी को सुरक्षा के लिए चुनौती बताते हुए कहा था कि भारत और चीन के बीच सीमा रेखा को रेखांकित किया जाना है।

चीन ने डोकलाम मामले बयान जारी करते हुए आरोप लगाया है कि भारत के 400 जवान उसके इलाके में रोड कंस्ट्रक्शन रोकने के लिए घुस आए थे।

उन्होंने कहा कि डोकलाम के मुद्दे पर भूटान समेत सभी देश भारत के साथ हैं। राज्यसभा में समाजवादी पार्टी नेता नरेश अग्रवाल के सवाल का जवाब देते हुए स्वराज ने कहा कि सीमा विवाद के मामले में भारत पंचशील समझौते के तहत काम कर रहा है और चीन को भी इस समझौते का पालन करना चाहिए। सुषमा ने कहा, 'हम चाहते हैं की डोकलाम में यथास्थिति बहाल हो। दोनों देश अपनी सेना को डोकलाम से हटाएं।‘

सुषमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा था, 'भारत का रूख साफ है। हम डोकलाम से अपनी सेना तभी हटाएंगे, जब चीन वहां से अपनी सेना हटा ले।'