मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह लंबे समय से देश की आर्थिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं और इसके बावजूद उन पर कोई आरोप नहीं हैं। रैनकोट पहनकर कैसे नहाया जाता है, यह मनमोहनसिंहजी से सीखें। मोदी के इस बयान के बाद कांग्रेस सदस्यों ने सदन में जोरदार हंगामा किया।
पीएम मोदी के बयान को शर्मनाक बताते हुए कांग्रेस सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। जवाब में मोदी ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर वह डेकोरम का उल्लंघन करते हैं उनमें जवाब सुनने का भी साहस होना चाहिए।
इससे पहले मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ लड़ाई राजनीतिक नहीं है। गरीब का हित छीन लिया जाता है और मध्यम वर्ग का शोषण होता है। हम कब तक इन समस्याओं को लेकर गुजारा करेंगे। मोदी ने कहा कि बैंक लूटने के बाद जो आतंकी मारे गए उनके पास नए नोट मिले।
इस पर नोटबंदी को दोष देना ठीक नहीं है। इंदिरा गांधी के समय में कमेटी ने नोटबंदी के बारे में बताया था। वांचू कमिटी ने जब नोटबंदी के लिए रिपोर्ट दी थी तब इतनी समस्याएं नहीं थीं। उन्होंने कहा कि पिछले 30-40 दिनों में 700 माओवादियों ने सरेंडर किया।
दुश्मन देश में जाली नोट का कारोबार करने वाले को आत्महत्या करनी पड़ी।नीति और नीयत से ही होगा देश का भलापीएम मोदी ने कहा कि जब इतनी ज्यादा करेंसी बैंकों के पास आई तो कर्ज देने की ताकत बढ़ी और ब्याज दर कम हुई।
असम में चाय बागानों में काम करने वालों के लिए सरकार ने खाते खुलवाए। इस कारण उन्हें पूरा वेतन मिलने लगा। दुनिया में कहीं इतना बड़ा और व्यापक निर्णय नहीं हुआ इसलिए दुनिया के अर्थशास्त्रियों के पास भी कोई मापदंड नहीं है।
पहली बार ऐसा हुआ कि जनता का मिजाज एक तरफ और नेताओं का मिजाज एक तरफ।
कालेधन की वजह से इंदिरा सरकार
पीएम मोदी ने दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा "मेरी और सीताराम येचुरी जी की विचारधारा अलग है, लेकिन इस विषय पर मैं सोचता था कि वह हमारे साथ होंगे। उन्होंने कहा कि 26 अगस्त 1992 में ज्योतिर्मय बसु जी ने कहा था कि इंदिरा गांधी की सरकार कालेधन की वजह से है।"
पूनम पुरोहित 
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