दरअसल, प्री-बोर्ड परीक्षा इसलिए होती हैं, जिससे यह आकलन किया जा सके कि छात्रों का वार्षिक परीक्षा में प्रदर्शन कैसा रहेगा। उन्हें कितना आता है और वे किस ढंग से प्रश्न-पत्र हल करेंगे, लेकिन प्री-बोर्ड परीक्षाएं फरवरी के दूसरे सप्ताह से शुरू हो रही है। इनका परिणाम तीसरे सप्ताह में घोषित किया जाएगा। ऐसी स्थिति में छात्रों को अपनी गलती सुधारने के लिए बहुत कम समय मिलेगा। उन्हें मुश्किल से हफ्ते-दस दिन ही मिलेंगे, जिसमें उन्हें अपनी गलतियों को दूर करना होगा। उधर, स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी दस दिन का समय पढ़ाई के लिए काफी बता रहे हैं।
जनवरी में होती तो ज्यादा समय मिलता
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सवाल उठाया है कि छात्रों को परिणाम के आधार पर तैयारी करने का बहुत कम समय मिल रहा है। अगर प्री-बोर्ड परीक्षा जनवरी के आखिरी सप्ताह में आयोजित होती तो छात्रों को करीब 20 दिन का समय पढ़ाई के लिए मिलता। अभी जो प्री-बोर्ड परीक्षा हो रही है, उसमें मात्र छात्रों को यह पता चल सकेगा कि वार्षिक परीक्षा में प्रश्न-पत्र किस पैटर्न में आएंगे और उन्हें कितने अंक मिलने की संभावना है।
दिखाई जाएंगी कॉपी
विभाग के अफसरों का कहना है कि प्री-बोर्ड का परिणाम जल्द घोषित करने के साथ छात्रों को उनकी कॉपी दिखाई जाएंगी। इससे उन्हें यह पता चल सकेगा कि उन्होंने कहां गलती की थी और वे वार्षिक परीक्षा में ऐसी गलती न दोहराएं।
पैटर्न की मिलेगी जानकारी
प्री-बोर्ड परीक्षा इसलिए होती है कि छात्रों को परीक्षा पैटर्न के बारे में जानकारी मिल सके। दस दिन का समय भी काफी होता है। उन्हें इससे मदद ही मिलेगी। प्री-बोर्ड के लिए वे जो पढ़ेंगे, यह वार्षिक परीक्षा में भी काम आएगा। हमने तो यह कहा है कि परीक्षा के तीन-चार दिन के भीतर कॉपियां छात्रों को दिखाई जाएं और उन्हें गलती से अवगत कराया जाए।
- डीएस कुशवाह, संयुक्त संचालक, स्कूल शिक्षा
पूनम पुरोहित 
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