स्कूल से घर आते वक्त बच्चा कहां तक पहुंचा, देख सकेंगे पैरेंट्स

मंथन.न्यूज इंदौर। स्कूल भेजने के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहने वाले माता-पिता के लिए प्रशासन मॉनीटरिंग की नई व्यवस्था शुरू करेगा। यदि अब ड्राइवर निर्धारित से ज्यादा गति में स्कूल बस चलाएगा या उसे किसी अन्य रूट पर जाने का प्रयास करेगा तो सरकारी एजेंसियां सतर्क हो जाएंगी और वे तत्काल बस को ट्रेस करेंगी।

इसके लिए एक खास पोर्टल भी तैयार किया जाएगा, जिस पर विभागों के अफसर बच्चों की मॉनीटरिंग कर सकेंगे। इसके अलावा अभिभावक को भी अपने बच्चे की बस की लोकेशन देखने को मिलेगी। वे पता कर सकेंगे कि उनका बच्चा स्कूल से घर के रास्ते में कब और कहां तक पहुंचा है।

राज्य शासन ने प्रदेश के प्रमुख शहरों में स्कूलों की मॉनीटरिंग के लिए यह व्यवस्था लागू की है। इसके तहत जिला प्रशासन 'जागरूक इंदौर' के नाम से पोर्टल बनाएगा। स्कूल बसों में लगे जीपीएस की लोकेशन को पोर्टल पर भी दर्ज किया जाएगा। इससे बसों के मूवमेंट की जानकारी मिलेगी। आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस को पोर्टल का लॉगिन आईडी दिया जाएगा। इससे ये दोनों विभाग भी बसों की लोकेशन और गति पर नजर रख पाएंगे।

सिलेबस और छुट्टियों की भी मिलेगी जानकारी

पोर्टल पर सभी स्कूलों का सिलेबस भी ऑनलाइन होगा। स्कूलों की किताबें किस दुकान या स्थान से मिलेगी, इसकी जानकारी भी मिलेगी। अभी तक कई स्कूल कमीशनखोरी के लिए इक्का-दुक्का दुकानों को ही किताबें बेचने के लिए अधिकृत करते हैं और कई स्कूल खुद दुकानदार बनकर पुस्तकें बेचने लगते हैं। ऐसे में इस व्यवस्था से स्कूलों की इस मनमानी पर रोक लगेगी। इसके अलावा प्रशासन पोर्टल पर ही आकस्मिक छुट्टियों की सूचना भी देगा। इससे स्कूलों में छुट्टियों को लेकर असमंजस नहीं रहेगा।

ऐप भी होगा तैयार

फिलहाल प्रदेश में भोपाल में ही स्कूल खुलने के पहले 'जागरूक भोपाल' पोर्टल शुरू हुआ है। इंदौर जिला इस व्यवस्था को लागू करने में पीछे रह गया था। अब प्रशासन ने इसकी प्रक्रिया शुरू की है। पोर्टल और एंड्रॉइड मोबाइल ऐप बनाने के लिए अब कंपनी की तलाश की जा रही है। इस पोर्टल पर स्कूल शिक्षा विभाग को भी जोड़ा जाएगा, जिससे उसके अफसर स्कूलों से संबंधित अभिभावकों की शिकायतों पर एक्शन ले सकेंगे।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए जल्द ही जिला प्रशासन 'जागरूक इंदौर' पोर्टल और एप शुरू करेगा। इसके लिए टेंडर जारी कर कंपनी तलाशी जाएगी। पोर्टल पर स्कूल बसों की जीपीएस लोकेशन भी दिखाई देगी। अभिभावक, ट्रैफिक पुलिस, आरटीओ और जिला प्रशासन पोर्टल से बसों और स्कूलों से जुड़े मसलों की मॉनीटरिंग कर सकेंगे।
राजाराम पाटीदार, जिला ई-गवर्नेंस ऑफिसर, इंदौर