दरअसल, जीआर मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्सों की भर्ती होना है। इसके लिए करीब 8 माह पहले पीईबी के माध्यम से परीक्षाएं कराई गई थीं। इसमें बीएससी नर्सिंग, जीएनएम एवं एएनएम वाले भी शामिल हुए थे।
रिजल्ट घोषित होने के बाद उत्तीर्ण हुए उम्मीदवारों को पत्र भेजकर दस्तावेज वैरीफिकेशन के लिए जीआर मेडिकल कॉलेज में बुलाया गया। यहां आने के बाद एएनएम डिप्लोमाधारकों से कहा जा रहा है कि वह इस पद के लिए पात्र ही नहीं हैं। उम्मीदवारों के मुताबिक उनसे कहा जा रहा है कि लिखकर दें कि वह पद के लिए पात्र नहीं हैं। इसको लेकर दो दिन से भर्ती के दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है।
एएनएम का डिप्लोमा करने वालों का कहना है कि जो पत्र भेजा गया है, उसमें लिखा है कि बीएससी नर्सिंग/डिप्लोमा, ऐसे में एएनएम का डिप्लोमा क्यों मान्य नहीं किया जा रहा है। यदि ऐसा था तो परीक्षा नहीं कराना थी या रिजल्ट ही घोषित नहीं करना चाहिए था। मंगलवार को जब उम्मीदवारों ने हंगामा शुरू किया तो कमेटी को दस्तावेज वैरीफिकेशन करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। हालांकि, ये सब दबाव में हुआ, इसलिए उम्मीदवारों को भी उम्मीद नहीं है कि उनका सिलेक्शन होगा।
पीईबी की गलती
कॉलेज की मानें तो केवल बीएससी नर्सिंग एवं जीएनएम के तीन वर्ष के पाठ्यक्रम को ही स्टाफ नर्स के लिए योग्यता माना गया है। कुल मिलाकर पीईबी की गलती का खामियाजा अब एएनएम डिप्लोमा धारकों को भुगतना पड़ रहा है। क्योंकि इस भर्ती के लिए इटारसी, सागर तक से उम्मीदवार ग्वालियर आए हैं।
ये हैं कमेटी मेंबर
दस्तावेज वैरीफिकेशन करने वाली कमेटी में डॉ. राजकुमार आर्य, डॉ. रंजना तिवारी, डॉ. प्रियेश मस्कोले एवं डॉ. विकास जैन शामिल हैं। दिलचस्प बात ये है कि स्टाफ नर्स की भर्ती के लिए बीएससी, एमएससी एवं कला संकाय से करने वालों ने भी आवेदन किया है।
इनका कहना है
स्टाफ नर्स के लिए बीएससी नर्सिंग एवं जीएनएम को ही योग्य माना गया है। पीईबी ने किस हिसाब से परीक्षा कराई, इसकी हमें जानकारी नहीं है। लेकिन हम सरकार के गजट नोटिफिकेशन के आधार पर ही सिलेक्शन कर रहे हैं। दस्तावेज वैरीफिकेशन के लिए पत्र उत्तीर्ण सूची के आधार पर भेजा गया था, लेकिन एएनएम डिप्लोमा वालों को नहीं लिया जा सकता - डॉ. केपी रंजन, प्रवक्ता जीआर मेडिकल कॉलेज

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