दिल्ली। भारत ने आशा व्यक्त की कि हाल में हुए चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अधिवेशन में तय नीति एवं दिशा से भारत एवं चीन के द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता में योगदान मिलेगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि हमें उम्मीद है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अधिवेशन में तय दिशा एवं नीति हमारे द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ावा देगी तथा क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता में योगदान देगी।
प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अधिवेशन आरंभ होने से पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अधिवेशन की सफलता के लिए शुभकामना का संदेश भेजा था तथा उनको कम्युनिस्ट पार्टी का दोबारा महासचिव चुने जाने पर बधाई दी थी।
डोकलाम क्षेत्र में चीनी सेना के निर्माण की रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर कुमार ने कहा कि वहां कोई नया निर्माण नहीं हुआ है। क्षेत्र में यथास्थिति कायम है।
इससे विपरीत कोई भी रिपोर्ट गलत और दुर्भावनाप्रेरित है। उन्होंने कहा कि डोकलाम मुद्दे और सैन्य निर्माण के बारे में मुझे लगता है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि स्थिति की ठीक ठीक समझ होनी चाहिए और कोई खतरे वाली बात के रूप में पेश नहीं की जानी चाहिए। मैं दोहराना चाहता हूं कि डोकलाम की विवादित जगह पर 28 अगस्त के बाद से कोई नई गतिविधि नहीं हुई है।

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