सीतारमण ने उठाया सवाल, उत्तर कोरिया तक कैसे पहुंची परमाणु तकनीक

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ -रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि उत्तर कोरिया आज सारे विश्व के लिए समस्या बन चुका है। उनका कहना था कि इसकी जांच होनी चाहिए कि परमाणु तकनीक उसे कहां से मिली? आसियान के रक्षा मंत्रियों की चौथी बैठक में उन्होंने यह मसला उठाया।
nirmala shitaraman defense 24 10 24 10 2017रक्षा मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद वह अपनी पहली विदेश यात्रा पर फिलीपींस पहुंची हैं। पाकिस्तान पर अपरोक्ष तौर पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जांच होगी तो पूरा सच सामने आ जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी यह बात कह चुकी हैं। अमेरिका व जापान के विदेश मंत्रियों के साथ वार्ता के दौरान उन्होंने यह सवाल उठाया था।
सीतारमण का कहना था कि जिस तरह से उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ भूमिगत परमाणु परीक्षण किए हैं उससे सारे विश्व के समक्ष खतरा पैदा हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद भी मान चुके हैं कि जापान, दक्षिण कोरिया व गुआम को बचाने के लिए उत्तर कोरिया को तबाह करना पड़ सकता है।
रक्षा मंत्री का कहना है कि उत्तर कोरिया को यह तकनीक एओ खान के परमाणु कार्यक्रम का अध्यक्ष रहते मिली होगी, क्योंकि अपने दम पर यह देश इस तरह का परीक्षण नहीं कर सकता है। पश्चिमी देशों की मीडिया में भी कहा जा रहा है कि 2002 से पहले यह तकनीक पाकिस्तान से उत्तर कोरिया तक पहुंची।
सीतारमण ने कहा कि सोशल मीडिया की वजह से आतंकवाद व कट्टरता को बढ़ावा दिया जा रहा है। उग्र विचारों का तेजी से प्रसार हो रहा है, जिससे सारे विश्व को खतरा पैदा हो गया है। इस पर सभी को गंभीरता से मंथन करना होगा। उनका कहना था कि एशिया के देशों को सैन्य व दूसरी चुनौतियों से निपटने को तैयार रहना होगा।
जो देश आतंकी फंडिंग व उनके पनाहगार के तौर पर सामने आते हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने की जरूरत है। उनका कहना था कि ब्रिक्स देशों की बैठक में आतंकवाद की भर्त्सना की गई। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि समुद्री विवादों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत निपटाए जाने की जरूरत है।