किसी भी कीमत पर अर्थव्यवस्था का चीरहरण नहीं होने दूंगा
यशवंत सिन्हा ने खुद को महाभारत का 'भीष्म पितामह' बताया है. उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी ने 'शल्य' का जिक्र है. मैं 'भीष्म पितामह' हूं. किसी भी कीमत पर अर्थव्यवस्था का चीर-हरण नहीं होने दूंगा.' यशवंत सिन्हा ने मीडिया से बातचीत में ये बातें कही.
बीजेपी के सीनियर लीडर ने पीएम को उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने यूपीए सरकार की खामियां गिनाई थी. यशवंत सिन्हा ने कहा कि यूपीए और एनडीए सरकार की तुलना करने का कोई तुक नहीं है.
उन्होंने कहा कि जनता ने यूपीए सरकार को आम चुनाव में नकार दिया और एनडीए को मौका दिया. आने वाले चुनाव में यही जनता सरकार के काम के आधार पर ही फैसले लेगी.
मोदी ने कंपनी सेक्रेटरी को किया संबोधित
बता दें कि बुधवार को पीएम मोदी ने दिल्ली में द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया के गोल्डन जुबली ईयर प्रोग्राम की शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने कंपनी सेक्रेटरी को संबोधित करते हुए अर्थव्यवस्था को लेकर हो रही आलोचना पर पलटवार किया.
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में जीडीपी आठ बार गिरी थी. बुनियादी तौर पर अर्थव्यवस्था मजबूत है. जीडीपी में मंदी ने विपक्ष को हमला करने की खुराक दे दी है. पीएम ने कहा कि रिफॉर्म-रिफॉर्म के गीत गाने वालों को मैं बताना चाहता हूं कि 21 सेक्टर्स से जुड़े 87 छोटे-बड़े रिफॉर्म्स इस सरकार ने लागू किए हैं.
यशवंत सिन्हा ने बीजेपी पर साधा निशाना
यशवंत सिन्हा ने इसके पहले मौजूदा अर्थव्यवस्था को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने इस संबंध में आंकड़ें पेश करते हुए नोटबंदी, जीएसटी और डिजिटल पेमेंट पर सवाल उठाए थे. पूर्व वित्त मंत्री ने कहा था कि मोदी ने गरीबी देखी है. उनके मंत्री देश को गरीबी दिखाएंगे.
वहीं, यशवंत सिन्हा के बेटे और केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने सरकार का बचाव किया था. जयंत ने कहा था कि मौजूदा समय में सरकार ने कुछ अहम फैसले लिए हैं. आने वाले समय में इसका असर दिखेगा.

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