हाईवे पर लड़ाकू विमान भरेंगे उड़ान, जानें युद्ध के वक्त क्यों पड़ती है ऐसी जरुरत

नई दिल्ली, []। आपात स्थिति में उड़ान भरने और उतरने के लिए वायुसेना के विमानों का अभ्यास अगले हफ्ते उत्तर प्रदेश के व्यस्ततम मार्ग लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर किया जाएगा। 24 अक्टूबर को होने वाले वायुसेना के इस अभ्यास में एक्सप्रेस वे पर वायुसेना के कई लड़ाकू विमानों के उतारने और उड़ान भरने के अभ्यास के साथ ही पहली बार वायुसेना के परिवहन विमान (एएन-32) को भी उतारा जाएगा।

हाईवे पर वायुसेना के विमान की उड़ान

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे वायुसेना के इस अभ्यास में जो 20 लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे उनमें मिराज 200, जगुआर, सुखोई 30 जैसे विमान शामिल है। रक्षा मंत्रालय (सेंट्रल कमांड) की जनसंपर्क अधिकारी गार्गी मलिक सिन्हा ने कहा कि भारतीय वायुसेना आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे उन्नाव जिले के निकट एयर स्ट्रिप पर उतरने और उड़ान भरने का अभ्यास करेगी। पिछले साल इस एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के मौके पर वायुसेना के आठ लड़ाकू जेट विमान इस पर उतरे थे और उड़ान भरी थी। साल 2015 के मई में भी आपात स्थिति में राष्ट्रीय राजमार्गों पर आपात लैंडिंग के अभ्यास के तहत मिराज 2000 को दिल्ली के पास यमुना एक्सप्रेस वे पर उतारा गया था।

रनवे पर विमान उतारने की जरुरत क्यों

 विंग कमांडर (रिटायर्ड) प्रफुल्ल बख्शी ने बताया कि रनवे पर वायुसेना के लड़ाकू विमानों को उतारने की जरुरत उस वक्त पड़ती है जब दुश्मन देश के साथ युद्ध हो गया हो या फिर कोई आपात स्थिति पैदा हो गई हो। उन्होंने बताया कि जब कोई देश लड़ाई में जाता है तो सबसे पहली कोशिश सामने वाले देश की ये होती है कि वो उसका काउंटर एयर करें। इसका मतलब है कि सामनेवाले देश के एयर रनवे को ध्वस्त कर दे। इसके अलावा जब बमबारी चल रही होती है उस वक्त दुश्मन देश गन के निकट अगर रनवे हो तो वहां से हटाकर लड़ाकू विमानों को कहीं और खड़ा किया जाता है। ऐसे समय में इस तरह के रनवे का इस्तेमाल किया जाता है। जहां से विमान आसानी से उतरे और उड़ान भर सके।

ऐसे रनवे की क्या है खासियत

दरअसल, पूर्व विंग कमांडर प्रफुल्ल बख्शी का कहना है कि हाईवे के कुछ हिस्सों को खास तरीके से तैयार किया जाता है। लेकिन, इसके साथ ही यहां पर विमानों में फ्यूल भरने की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके आसपास अगर जरुरत पड़े तो रात के समय पायलट के रहने की भी व्यवस्था होनी चाहिए, क्योंकि ऐसी जगह आपात स्थित के वक्त सामरिक लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होता है।

कई देशों में हाईवे पर उतारा जाता है फाइटर प्लेन

प्रफुल्ल बख्खी की मानें तो भारत ने हाल के दिनों में हाईवे पर लड़ाकू विमानों को उतारने का अभ्यास किया है लेकिन दुनियाभर के कई देशों ने इस तरह का अभ्यास बहुत पहले ही शुरु कर दिया था। सबसे पहले स्वीडन ने अपने यहां हाईवे पर लड़ाकू विमान उतारे। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में चार ऐसे हाईवे हैं जहां पर वह अपने लड़ाकू विमानों का युद्ध के समय उतार सकता है या फिर वहां से विमान उड़ान भर सकता है। उन्होंने बताया कि भारत ने इस दिशा में काफी देर से कदम उठाया है। लेकिन, इस दिशा में अभी काफी कुछ किए जाने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि भारत को गुजरात समेत देश के दक्षिणी हिस्सों में हाईवे के खास हिस्से को इस तरह बनाना है ताकि लड़ाकू विमान वहां पर उतारे जा सके और उड़ान भर सके