ये वो ट्वीट हैं, जो ग्राम आरूद की छात्राओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किए हैं। गांव में 25 दिन पहले खुले 'प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान' केंद्र में ये छात्राएं कम्प्यूटर और इंटरनेट का उपयोग करना सीख रही हैं। जैसे ही छात्राओं ने ट्वीटर चलाना सीखा, उन्होंने अपने विचार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचा दिए।
इनमें से अधिकांश छात्राएं एक माह पहले तक कम्यूटर चलाना भी नहीं जानती थीं, अब ट्वीटर चलाकर उत्साहित हैं। यहां एकांश सोनी और रोहित सिंह केंद्र का संचालन कर रहे हैं। स्कूली बच्चों सहित गृहणियों और वृद्धों में भी डिजिटल साक्षरता से जुड़ने की ललक है। गांव में 200 से अधिक लोग कक्षाओं में आकर 'डिजिटल इंडिया' से जुड़ रहे हैं।
इन छात्राओं ने किए ट्वीट
हायर सेकंडरी स्कूल की छात्रा मुस्कान खान ने ट्वीट कर पीएम को डिजिटल इंडिया अभियान शुरू करने पर धन्यवाद दिया है और कौशल विकास केंद्र खोलने की मांग की है। 12वीं की छात्रा हरदेवी बुंदेकर ने विजयादशमी की बधाई दी है। 10वीं कक्षा की छात्रा निकिता सोनी ने छात्रवृत्ति नहीं मिलने की शिकायत की है। मंजूला राठौर ने सड़क और बिजली की समस्या को लेकर ट्वीट किया है।
दिव्यांगों में भी ललक
दिव्यांग महेश नागदे ने भी केंद्र पर आकर कम्प्यूटर सीखने की इच्छा जताई, अब करीब 20 दिन के प्रशिक्षण के बाद वे टाइपिंग कर अपना नाम लिखने लगे हैं। इसी तरह बिमार होने के कारण संस्कृत की एक दिव्यांग शिक्षिका केंद्र पर नहीं आ सकीं तो प्रशिक्षकों ने उन्हें घर जाकर प्रशिक्षण दिया।
लाइट गई तो टॉर्च में ट्रेनिंग
प्रशिक्षक एकांश सोनी ने बताया कि केंद्र पर एक दिन शाम को कक्षा संचालन के दौरान लाइट चली गई तो हमने विद्यार्थियों से कहा अब कल पढ़ेंगे लेकिन विद्यार्थियों ने मोबाइल टॉर्च जलाकर कहा नहीं सर आप पढ़ाइए। मोबाइल टॉर्च की रोशनी में करीब दो घंटे ओर कक्षा संचालन किया।
मिलेगा डिजिटल साक्षरता प्रमाण पत्र
प्रशिक्षक रोहित सिंह ने कहा कि सूचना प्रसारण मंत्रालय के कॉमन सर्विस सेंटर से रजिस्ट्रेशन कराकर गांव में डिजिटल साक्षरता की शुरुआत की गई है। गांव में करीब एक माह का प्रशिक्षण देकर परीक्षा ली जाएगी। पास होने वालों को केंद्र सरकार डिजिटल साक्षरता का प्रमाण पत्र मिलेगा।

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