त्रेता युग जैसी जीवंत होगी राम की नगरी अयोध्या

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ -लखनऊ। अयोध्या अभी से ही भाव विभोर है। लंबे समय से यहां दीपावली पर किसी बड़े कार्यक्रम का इंतजार कर रहे नगरवासी इस बार अपने आराध्य का दर्शन कुछ यूं करेंगे, जैसे कि त्रेता में लोगों ने किया था। 18 अक्टूबर यानी छोटी दीपावली पर इस बार यह नगरी राममय नजर आएगी और प्रतीक के तौर पर राम की घरवापसी भी होगी।
yogi adityanath at ayodhya diwali new 10 10 2017करीब चार किलोमीटर लंबे सरयू तट व राम की पैड़ी पर जलाए जाने वाले एक लाख 71 हजार दीप मानों एक बार फिर अयोध्या को दशरथ युग जैसा ही जीवंत कर देंगे। इतनी बड़ी संख्या में दीपक जलने के साथ ही यह नगरी गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में शामिल होगी।
उस समय आसमान से पुष्प वर्षा हुई थी तो इस बार ड्रोन से फूलों की बरसात किए जाने की तैयारी है। इंडोनेशिया और श्रीलंका के कलाकारों की रामलीला इसकी पताका दुनिया तक पहुंचाएगी। अयोध्यावासियों के हृदय में राम बसते हैं, लेकिन उनकी वापसी को पर्व के रूप में मनाने का विचार अब तक किसी सरकार के दिमाग में नहीं आया था।
दीपावली उत्सव का आगाज 18 अक्टूबर को दोपहर बाद साकेत महाविद्यालय से शोभायात्रा के साथ होगा। यात्रा में 11 ट्रकों पर विभिन्न नाट्य मंडलियां इस बार ऐसी शोभा यात्रा निकालेंगी जिसमें पूरी रामकथा जीवंत नजर आए। राम जन्म से लेकर रावण वध और अयोध्या में घरवापसी तक की झांकियां लोगों को मोह लेंगी।
यात्रा अपराह्न चार बजे सरयू तट स्थित रामकथा पार्क पहुंचेगी। यहीं राम राज्याभिषेक का मंचन प्रस्तावित है। भगवान राम के स्वरूप को राजतिलक करने के लिए राज्यपाल राम नाईक एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित प्रदेश सरकार के अनेक मंत्री मौजूद रहेंगे।
पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी ने मंगलवार को अयोध्या पहुंचकर पूरी तैयारियों को अंतिम रूप दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस अवसर पर 133 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके होर्डिंग, बैनर और कटआउट नगर में अभी से ही छाने लगे हैं।
एलईडी वैन से रामायण सीरियल के प्रसारण ने माहौल को भक्तिमय कर रखा है। दीपावली से ठीक पहले इतने बड़े आयोजन और मुख्यमंत्री समेत बड़े नेताओं की उपस्थिति में बाजार की खरीदारी प्रभावित होने का अंदेशा है। लेकिन, स्थानीय लोग कहते हैं कि यह हमारी विजयगाथा का पर्व है। भगवान राम ने इतने कष्ट सहकर लंका विजय की थी, फिर छोटी-मोटी परेशानियों की बात क्यों?
लिया संतों का आशीर्वाद
शासकीय संरक्षण में संयोजित दीपावली को संतों का भी आशीर्वाद मिला। प्रदेश सरकार के दूत के रूप में प्रमुख सचिव पर्यटन अवनीश अवस्थी ने रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष एवं शीर्ष पीठ मणिरामदास जी की छावनी के महंत नृत्यगोपालदास एवं दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेशदास से भेंट की।
हेलीकॉप्टर के प्रयोग पर संशय
दीपावली महोत्सव का एक चरण राज्याभिषेक की लीला के नाम रहेगा और इस लीला के लिए पुष्पक विमान के प्रतीक के रूप में हेलीकाप्टर का प्रयोग प्रस्तावित किया गया था पर हेलीकॉप्टर के प्रयोग की योजना को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। बताया गया कि सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा के बाद ही हेलीकॉप्टर के प्रयोग पर अंतिम मुहर लग सकेगी।