यम-यमुना के प्यार का पर्व है भैया दूज, इस समय करें टीका

मंथन न्यूज़ यम और उऩकी बहन यमुना के प्यार का प्रतीक भैया दूज शनिवार को है। इस बार टीका कराने के लिए भाई-बहन को इंतजार नहीं करना पड़ेगा। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया पूरे दिन है और कभी भी टीका किया जा सकता है। भैया दूज के साथ ही दीपावली से जुड़े पांच पर्व संपन्न हो जाएंगे।

टीके का मुहूर्त: ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेंद्र शर्मा के अनुसार भैया दूज का टीका अभिजीत मुहूर्त में करना श्रेष्ठ होता है। वैसे, शनिवार को पूरे दिन द्वितीया है।
अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न: 11.32 से 12.35

दूसरा मुहूर्त
अपराह्न : 01.19 से 3.36
भैया दूज: यम-यमुना के प्यार का पर्व
भगवान सूर्य की पत्नी का नाम छाया था। छाया से यम और यमुना का जन्म हुआ। दोनों भाई-बहन में बहुत स्नेह था। यमराज अपने काम में इतने व्यस्त रहते थे कि उनको यमुना के  पास जाने का समय ही नहीं मिलता था। यमुना इससे नाराज रहती थी। एक दिन अचानक यमराज अपनी बहन से मिलने गए। यमुना की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उस दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया थी। यमुना ने अपने भाई का बड़ा सत्कार किया और चलते समय उनको एक नारियल भेंट किया। यमराज ने पूछा कि ये क्यों? यमुना बोली, यह नारियल ( गोला) आपको मेरी स्मृति कराता रहेगा। यमुना ने अपने भाई से वचन भी लिया कि कितनी ही व्यस्तता क्यों न हो, लेकिन आप कार्तिक शुक्ल द्वितीया ( भैयादूज) को अवश्य उनके पास आओगे। यमराज ने इसका आश्वासन दिया। इसी कथा मान्यता के कारण भैया दूज पर भाई अपनी विवाहित बहन के यहां टीका कराने जाते हैं। बहन अपने भाई को गोला भेंट करती है। इस दिन भाई-बहन के यमुना में स्नान करने की भी परंपरा है।