खुशहाल जीवन का आधार ही हमारी महान संस्कृति है

खुशहाल जीवन का आधार ही हमारी महान संस्कृति है
विदिशा में स्वराज के लिये, मातृशक्ति ने बताये खुशहाल जीवन के गुर 

व्ही एस भुल्ल्ले
मजबूत सामाजिक संरचना और हमारी महान संस्कृति ही बन सकती है हमारे खुशहाल जीवन का आधार उक्त बात  कन्या उ.मा. विद्यालय शेरपुरा विदिशा म.प्र. में खुशहाल जीवन पर छात्राओं के बीच चर्चा करने पहुंचे स्वराज के मुख्य संयोजक व्ही.एस.भुल्ले से चर्चाके दौरान कु. रागनी लोधी, रानी दांगी, अंजू किरार, दीपाली किरार, निशा अहिरवार, हेमलता रैकबार ने कही। विद्या के मंदिर में मौजूद, मातृशक्ति स्वरुप छात्राओं ने कहा कि दरकती हमारी सामाजिक सरंचना और संस्थाओं का परिणाम है कि समाज में बढ़ती नशा खोरी की प्रवृति, बैवजह बुराई सामाजिक सुरक्षा, हर बात का दोष बेटियों के सर मढऩे की परम्परा एवं बढ़ती जनसंख्या ने हमारे खुशहाल जीवन में बड़ी बाधायें पैदा की है और इनका निदान अब केवल हमारी महान संस्कृति में निहित है।           
​                                        इस मौके पर स्वराज के  मुख्य संयोजक व्ही.एस.भुल्ले ने छात्राओं से गुर सीखते हुये कहा कि हमारे राष्ट्र की ही नहीं, यह हमारी महानता है कि हम उस मिट्टी में पैदा हुये है जिसका इतिहास विधा विद्ववानों से भरा पड़ा है और यह वह महान भू-भाग है जहां बड़ी-बड़ी विभूतियों ने जन्म लिया है। हमेशा से हमारा स्वाभिमान ही हमारी सबसे बड़ी  पूंजी रहा है। हमें गर्व होना चाहिए हमारे महान भारत पर जिसकी गोद में विधा, विद्ववान ही नहीं, बड़े-बड़े वीर, सूरवीर और संत रिषिमुनि तथा सम्राट खेले है। जिसके एहसास में विभिन्न रितुओं की अनुभूति है तो उसके स्पर्श में सम्पदाओं के भंडार। जरुरत हमें प्राकृतिक संस्कृति अनुसार स्वयं को एक ऐसा जीवंत, अनुशासित एहसास बनाने की है जो संवेदनशील, कत्र्तव्यनिष्ठ होने के साथ जबावदेह भी हो, जो स्वयं के साथ गांव, गली, नगर जिला, संभाग प्रदेश और देश, परिवार, समाज और राष्ट्र को अपने सृजित और सफल कार्यो की अनुभूति करा सके। जिसका हमारा महान राष्ट्र और नागरिक हकदार है। इस मौके पर स्वराज के ही शिवशंकर शर्मा के साथ विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक, शिक्षकाओं के अलावा छात्रायें मौजूद थी।