पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की क़ानून व्यवस्था के लिए बुलाई एक समीक्षा बैठक में सभी जिलों के डीएम और एसपी को सीधे तौर से जिम्मेदार बताया है. उन्होंने कहा कि अब किसी भी ज़िले में ऐसी समस्या आई तो इसके लिए डीएम और एसपी सीधे तौर पर ज़िम्मेदार होंगे और उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी.मुख्यमंत्री एनेक्सी स्थित कार्यालय में बुधवार देर शाम हुई बैठक में सीएम योगी, प्रमुख सचिव गृह, अरविन्द कुमार, पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह, डीजी अभिसूचना भावेश कुमार, एडीजी कानून-व्यवस्था आनन्द कुमार सहित प्रदेश के सात ज़ोन के अपर पुलिस महानिदेशक और एक ज़ोन के आई जी के साथ प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे.
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस अपराधियों से सख्ती से निपटे और क़ानून हाथ में लेने वालों पर कठोर कार्रवाई करे. उन्होंने दुर्गा पूजा और मोहर्रम के अवसर पर बलिया और कानपुर में हुए साम्प्रदायिक दंगे पर संबंधित अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई और कुछ जगहों पर हुई प्रशासकीय लापरवाही का भी उल्लेख किया. मुख्यमंत्री के मुताबिक कई जिलों में हालात इसलिए बिगड़े, क्योंकि समय रहते सजगता नहीं दिखाई गई .
पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीजीपी सुलखान सिंह ने बताया कि समीक्षा बैठक में त्योहारों के अवसर पर प्रदेश के कई ज़िलों में हुई घटनाओं पर चर्चा की गई. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का सख्ती से पालन होगा और एक-एक मामले की जांच की जाएगी.
वहीं, एनकाउंटर अभियान पर डीजीपी सुलखान सिंह ने कहना है कि प्रदेश में एनकाउंटर का कोई अभियान नहीं चल रहा है, केवल अपराधियों को गिरफ्तार करने का अभियान चल रहा है. उन्होंने आगे कहा कि अगर अपराधी पुलिस पर बल प्रयोग करेंगे तो आत्मरक्षार्थ पुलिस जवाबी कार्यवाही जरुर करेगी.
सुलखान सिंह ने बताया कि प्रदेश के कुछ महानगरों में एसएसपी के पद पर डीआईजी को तैनात करने की प्रक्रिया चल रही है, जिनकी तैनाती उपलब्धता के आधार पर होगी.
सुलखान सिंह ने बताया कि प्रदेश के कुछ महानगरों में एसएसपी के पद पर डीआईजी को तैनात करने की प्रक्रिया चल रही है, जिनकी तैनाती उपलब्धता के आधार पर होगी.

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