राज्य अपने दम पर करें किसानों की कर्ज माफी, केंद्र नहीं देगा पैसाः जेटली

मंथन ऩ्यूज नई दिल्ली। उप्र के बाद महाराष्ट्र में कृषि कर्ज माफी की घोषणा व अन्य राज्यों से उठ रही मांग के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हाथ खड़े कर दिए हैं। उन्होंने केंद्र का मुंह ताक रहे राज्यों को सोमवार को दो टूक जवाब दिया, राज्यों को कृषि कर्ज माफी का खर्च अपने खजाने से ही उठाना पड़ेगा।

केंद्र पैसा नहीं देगा।वित्त मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब महाराष्ट्र सरकार ने रविवार को किसानों का 30 हजार करोड़ से ज्यादा का फसल ऋण माफ करने की घोषणा की है। दूसरी तरफ, मप्र सहित कई राज्यों में किसान कर्ज माफी की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। सबसे पहले उप्र की योगी सरकार 36,359 करोड़ रुपए के कृषि कर्ज माफ करने की घोषणा की थी।

अब यह मांग सभी राज्यों से उठने लगी है। कर्ज माफी से पड़ने वाले भारी बोझ को देख कर ही राज्य केंद्र से मदद की उम्मीद संजोए थे। जेटली से जब महाराष्ट्र सरकार के फैसले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि केंद्र इसके लिए अपने खजाने से पैसा नहीं देगा।

राज्यों को यह काम अपने स्तर पर करना होगा। 2008 में संप्रग ने की कर्ज माफीउल्लेखनीय है कि तत्कालीन संप्रग सरकार ने वर्ष 2008 में किसानों का कर्ज माफ करने का फैसला किया था। उस समय इसके क्रियान्वयन पर 56 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च होने की बात कही गई थी। हालांकि, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने जब इसके क्रियान्वयन का ऑडिट किया तो इसमें कई खामियां सामने आईं।

बैंक भी कर रहे विरोध

-रिजर्व बैंक : गवर्नर उर्जित पटेल कह चुके हैं कि राज्य सरकारें अगर कर्ज माफ करने का सिलसिला जारी रखती हैं, तो राजकोषीय स्थिति संभालना मुश्किल होगा।

-भारतीय स्टेट बैंक : अध्यक्ष अरुंधति भट्टाचार्य कह चुकी हैं कि किसानों की कर्ज माफी से पूरे बैंकिंग कारोबार पर बहुत ज्यादा दबाव बढ़ जाएगा।

लागत पर 50 फीसदी मुनाफा जोड़ मूल्य तय हो : नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि देश में कृषि क्षेत्र संकट की स्थिति में है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर नई नीति बनानी होगी। यह विडंबना है कि फसलों का उत्पादन बढ़ा है फिर भी किसान कष्ट में हैं। उनके मुताबिक कृषि संकट का हल यह है कि कृषि उत्पाद की लागत पर 50 फीसदी का मुनाफा जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा हो।

पंजाब में छोटे किसानोंके ही कर्ज माफ होंगे

पंजाब सरकार ने भी छोटे किसानों का कर्ज माफ करने की तैयारी कर ली है। बड़े किसानों के कर्ज माफ नहीं किए जाएंगे। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह 14 जून से शुरूहोने जा रहे विधानसभा सत्र में इसकी घोषणा कर देंगे।

कांग्रेस ने चुनावी वादे पर पीएम मोदी को घेरा

कांग्रेस ने अब प्रधानमंत्री पर अपने चुनावी वादे पूरा करने का दबाव डालने की रणनीति अपनाई है। इसके तहत पार्टी ने किसानों को लागत का 50 फीसदी लाभकारी मूल्य देने का वादा पूरा नहीं होने को पूरे देश में जोर-शोर से उठाने का फैसला किया है। सरकार किसानों से किए वादे निभाने की बजाए भविष्य में कृषि आय दोगुनी करने का झांसा दे रही है। कांग्रेस महासचिव सीपी जोशी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा और राजस्थान से लेकर हर सूबे का किसान इस समय आर्थिक बदहाली से छटपटा रहा है और उन्हें पीएम के वादे पूरे होने का अब तक इंतजार है।