मंथन न्यूज़ कोलकाता. नीदरलैण्ड से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश मिलने पर राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने शुक्रवार को केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को कड़ा पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग की ओर से गोरखालैण्ड अलग राज्य की मांग का समर्थन किए जाने पर आपत्ति जाहिर की।
उन्होंने कहा कि दूसरे राज्य के मुख्यमंत्री की ओर से गोरखालैण्ड अलग राज्य की मांग का समर्थन करना संविधान के खिलाफ और राष्ट्रद्रोह है। इस पर रोक लगाई जाए। केन्द्रीय गृह मंत्री को लिखे अपने पत्र में पार्थ चटर्जी ने कहा कि दार्जिलिंग में गुण्डागर्दी चल रही है।
पहाड़ में अशान्ति के लिए ममता जिम्मेदार-भाजपा
कोलकाता. भाजपा ने शुक्रवार को अलग गोरखालैण्ड राज्य का समर्थन करने से इनकार कर दिया। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (गोजमुमो) से बातचीत करने की मांग की और दार्जिलिंग में फैली अशान्ति के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया। दार्जिलिंग मुद्दे पर सीधे ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली में कहा कि दार्जिलिंग में अशान्ति फैलने के लिए सिर्फ ममता बनर्जी जिम्मेदार है।
उनकी अव्यवस्था और उनकी वादाखिलाफी के कारण ही पहाड़ में अशान्ति फैली है। उन्होंने कहा कि भाजपा गोरखालैण्ड अलग राज्य का समर्थन नहीं करती है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे होने के कारण इससे देश की आंतरिक सुरक्षा जुड़ी हुई है। इस लिए गोरखालैण्ड अलग राज्य नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि अलग राज्य नहीं तो इन्हें दूसरे अधिकार देने के मुद्दे पर बात होनी चाहिए।
मन्नान को पहाड़ पर नहीं जाने की सलाह
कांग्रेस विधायक दल ने एक जुलाई को अशान्त पहाड़ पर जाने की घोषणा की थी। इसके मद्देनजर नेता प्रतिपक्ष अब्दुल मन्नान ने राज्य के गृह सचिव मलय दे को चिट्ठी लिखी। शुक्रवार दोपहर 12 बजे गृह सचिव दे ने मन्नान को फोन किया उन्हें दार्जिलिंग की मौजूदा स्थिति को देखते हुए वहां नहीं जाने की सलाह दी। मन्नान के अनुसार गृह सचिव ने उनसे कहा कि उनके दार्जिलिंग जाने में कानूनी कोई बाधा नहीं है। लेकिन वहां की मौजूदा स्थिति को देखते हुए वहां नहीं जाना ही चाहिए।

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