छात्र संघ के चुनाव करने के लिए आदेश जारी 30 अक्टूबर होंगे चुनाव

मंथन न्यूज़ भोपाल -छात्र संघ के चुनाव करने के लिए विश्वविधालयो को  30 अक्टूबर तक चुनाव करने का आदेश उच्च शिक्षा विभाग को भेजा है  प्रदेश के कॉलेजों में 30 अक्टूबर को होने वाले छात्र संघ चुनाव में उम्मीदवारों के लिए पहले की तरह अब मैरिट का कोई बंधन नहीं रहेगा। अगर पीजी कॉलेज है तो उसमें केवल पीजी कक्षा में पढ़ने वाला छात्र ही अध्यक्ष पद के लिए खड़ा होगा।
electiond demo 09 10 2017उच्च श्ािक्षा विभाग ने इस बार होने वाले छात्र संघ चुनाव के लिए ऐसे कई नियम बदले हैं। मगर मुख्य शर्त यह रखी गई है कि उम्मीदवार छात्र का पढ़ाई में ब्रेक नहीं होना चाहिए। कॉलेज के कॅरियर में उसकी एटीकेटी भी नहीं होना चाहिए। यानि छात्र का अकादमिक रिकार्ड साफ-सुथरा और बिना रुकावट वाला होना चाहिए। गौरतलब है कि इस बार प्रत्येक छात्र को वोट देने का अधिकार होगा। वह केवल कक्षा प्रतिनिधि के लिए वोटिंग करेगा। इसके बाद कक्षा प्रतिनिधि छात्र संघ उम्मीदवारों के लिए वोट डालेंगे।
छात्र संघ चुनाव एक दिन में ही संपन्न् हो जाएंगे
प्रदेश के कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव एक दिन में ही संपन्न् हो जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शाम 6 बजे तक चुनाव परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। दोपहर 12 बजे के पहले ही सीआर (क्लास रिप्रेजेंटेटिव) की वोटिंग हो जाएगी। इसके बाद चुने गए सीआर छात्र संघ उम्मीदवारों के लिए वोटिंग करेंगे।
पीजी कॉलेज में स्नातक का छात्र अध्यक्ष नहीं
छात्र संघ चुनाव में महत्वपूर्ण यह है कि स्नातकोत्तर कॉलेज में केवल स्नातकोत्तर कक्षा में पढ़ने वाला छात्र ही अध्यक्ष पद के लिए खड़ा होगा। इसमें स्नातक कक्षा का छात्र अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवारी नहीं कर सकता। अगर कॉलेज केवल स्नातक है तो द्वितीय या तृतीय वर्ष में पढ़ने वाला छात्र अध्यक्ष पद के लिए खड़ा होगा। कॉलेज में छात्र का एक साल अध्ययन होना जरूरी है।
अगर सीआर के लिए कोई उम्मीदवार नहीं तो नॉमिनेशन होगा 
कॉलेज में होने वाले छात्र संघ चुनाव में आरक्षित कक्षा में अगर कोई भी छात्रा चुनाव में खड़ी नहीं होती है तो ऐसी दशा में किसी छात्रा को नामांकित किया जाएगा। कॉलेज प्रबंधन इस संबंध में फैसला लेगा। अगर इसके बाद भी कोई छात्रा इसके लिए तैयार नहीं होती है तो उक्त कक्षा से कोई सीआर नहीं रहेगा।
23 को जारी होगी अधिसूचना
विभाग के अधिकारियों ने बताया चुनाव के लिए नियम बना लिए गए हैं। 23 अक्टूबर को इसकी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। सभी उम्मीदवारों के लिए यह बाध्यता रहेगी कि उनका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं होना चाहिए।
छात्राओं के 50 फीसदी आरक्षण से छात्र संगठनों की बढ़ी चुनौती
छात्र संघ चुनाव के लिए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) छात्राओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाएगा। दरअसल, चुनाव में छात्राओं के 50 प्रतिशत आरक्षण होने के कारण छात्र संगठनों के सामने छात्राओं को जोड़ने की चुनौती खड़ी हो गई है। क्योंकि छात्र संगठनों का ज्यादा फोकस छात्रों को जोड़ने पर होता है।
इसकी मुख्य वजह यह होती है कि छात्र राजनीति में छात्राओं के मुकाबले ज्यादा सक्रिय होते हैं, लेकिन अब यह तय करने में कठिनाई हो रही है कि चुनाव में किन छात्राओं को उम्मीदवार बनाया जाए।