जब मैं पैदा हुई तो घर में नहीं बजे थे ढोल-ढमाके : अर्चना चिटनिस

archna chitnis 12 10 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -लाड़ली शिक्षा पर्व समारोह में महिला बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस का दर्द भी छलक उठा। बेटे-बेटियों के बीच भेदभाव का उदाहरण देते हुए वह बोलीं कि 'मेरे जन्म पर घर में ढोले नहीं बजे, जबकि भाई पैदा हुआ तो खूब ढोल-ढमाके बजे थे।" वह बोलीं कि मुझे इस बात की तकलीफ है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मार्गदर्शक, शिक्षक और कभी पालक के अंदाज में बतियाते नजर आए। उन्होंने अभिभावकों को भी नसीहत दी कि 'मेरी भांजियों से बेईमानी मत करना।" बताया कि 'मेरे दो बेटे हैं, लेकिन पत्नी साधना ने नौ बेटियों को लाड़-प्यार से संभाला, दो की शादी भी की।" सीएम हाउस पहुंची छठवीं कक्षा की छात्राओं से मुख्यमंत्री ने दो तरफा संवाद की शैली में चर्चा की। पूछा- मामा से मिलने की इच्छा थी कि नहीं, मैं बहुत खुश हूं। तुम्हें गोद में भी खिलाया है। 
मुख्यमंत्री ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया को भी याद करते कहा कि आज उनके जन्मदिन पर इन बेटियों को बुलाया है। फिर लाड़लियों से बोले कि परीक्षा में 85 प्रतिशत नंबर लाओगी तो लेपटॉप मिलेगा। कॉलेज जाओगी तो स्मार्टफोन भी मिलेगा। बताओ कितने प्रतिशत नंबर लाओगी? बच्चियां बोलीं- 100 परसेंट..। शिवराज बोले कि बहुत बढ़िया, फिर उन्होंने बच्चियों से पूछा- डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, पुलिस और आईएएस कौन-कौन बनेगा? साथ ही कहा कि पुलिस में भर्ती पर 33 प्रतिशत आरक्षण देंगे, हाथ में बंदूक-डंडे मिलेंगे तो गुंडे-बदमाशों को ठीक करना। 
शिवराज की समझाइश
- पढ़ाई बीच में कभी मत छोड़ना।
- 21 साल के पहले शादी मत करना।
- मम्मी-पापा और शिक्षक की हमेशा इज्जत करना।
- जब शादी होगी तो मामा-मामी को भी बुलाना। 
लाड़ली पर अर्चना के बोल
- मप्र की तरक्की की नींव में लाड़ली लक्ष्मी योजना।
- पहले योजना पर लोग हंसते थे, अब दूसरे राज्य भी लागू करने लगे।
- मप्र सरकार ने आज से ही दीपावली मनानी शुरू कर दी।