गांधी जयंती पर क्यों छलका पीएम नरेंद्र मोदी का दर्द, बोले- झेलने की कैपेसिटी बढ़ा रहा हूं

मंथन न्यूज़ पूनम पुरोहित -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारें साथ आ जाएं तो भी स्वच्छता का सपना कभी भी पूरा नहीं हो सकता है. लेकिन अगर देश के सवा सौ करोड़ देशवासी साथ आ जाएं तो यह सपना आसानी से पूरा हो सकता है.
1000 गांधी, लाख मोदी मिलकर भी देश को साफ नहीं कर सकतेः पीएम

गांधी जयंती के मौके पर विज्ञान भवन में स्कूली छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छता अभियान अब केवल महात्मा गांधी का सपना नहीं रहा, यह पूरे देश का सपना बन गया है.

स्वच्छता के लिए जनभागीदारी पर जोर देते हुए पीएम ने कहा, "अगर 1000 महात्मा गांधी आ जाएं, एक लाख मोदी आ जाए, सारे मुख्यमंत्री आ जाएं तो भी स्वच्छता का सपना पूरा नहीं हो सकता है. लेकिन अगर सवा सौ करोड़ जनता आ जाए तो यह सपना साकार हो सकता है. आज स्वच्छता अभियान सामान्य जन का सपना बन गया है. ये सिद्धि देशवासियों की है."

उन्होंने कहा, "तीन साल में हम कहां से कहां पहुंचे. मैं यूएन की बैठक के लिए यूएस में था. रात देर से आया और 2 अक्टूबर सुबह झाड़ू लगाने के लिए निकल गया. मीडिया और विरोधियों ने बहुत आलोचना की. मेरा स्वभाव है झेलता रहता हूं. अब झेलने की कैपेसिटी बढ़ा रहा हूं. आज तीन साल के बाद हम देख रहे हैं कि बापू का दिखाया रास्ता गलत हो ही नहीं सकता."
उन्होंने कहा, "चुनौती है लेकिन चुनौती है इसलिए देश को ऐसे ही रहने दिया जाए? क्या सिर्फ वह काम करना चाहिए जिससे जयकार हो? बाकि काम से भागना चाहिए क्या.