ऐसे में कोटा का एक शख्स पीएम के स्वच्छ भारत अभियान से इतना प्रभावित हुआ कि उसने पीएम मोदी के लिए एक झाड़ू तैयार की। झाड़ू भी कोई ऐसी-वैसी नहीं, बल्कि साढ़े आठ फीट लंबी, जिसकी चौड़ाई तीन इंच से ज्यादा है।
झाड़ू बनाने वाले कोटा के राहुल जैन ने इस झाड़ू को पीएम मोदी का नाम दिया है। 850 रुपये की कीमत वाली इस झाड़ू को राहुल जैन पीएम मोदी को खुद गिफ्ट करना चाहते हैं।
रिकॉर्ड बुक में होगा नमो झाड़ू का नाम दर्ज -
इस झाड़ू की एक तरफ स्वच्छ भारत अभियान लिखा हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ सबका साथ, सबका विकास लिखा है। राहुल जैन की मानें तो ये दुनिया की सबसे लंबी झाड़ू है और वो लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में इसका नाम दर्ज करवाने में जुटे हैं।
पीएम मोदी को गिफ्ट करना चाहते हैं नमो झाड़ू
इस झाड़ू को वो खुद पीएम मोदी को गिफ्ट करना चाहते हैं, इसके लिए वो पिछले दो सालों से कोशिश कर रहे हैं, मगर अबतक उन्हें कामयाबी नहीं मिली है। इसे लेकर वो प्रधानमंत्री कार्यालय से थोड़ा नाराज भी हैं।
राहुल जैन की मानें तो उन्होंने 2015 में पीएम मोदी से मिलने के लिए पीएमओ से वक्त मांगा। ताकि वो मोदी को खुद ये झाड़ू गिफ्ट कर सकें। मगर पीएमओ ने उन्हें सलाह दी कि वो इसके लिए अप्वाइंटमेंट सेक्शन में ई-मेल करें।
अप्रैल से अगस्त 2015 के बीच राहुल जैन ने चार बार पीएमओ के अप्वाइंटमेंट सेक्शन को ई-मेल किया। कई बार फोन भी लगाए। मगर उन्हें पीएम मोदी से मिलने का वक्त ही नहीं मिल पाया।
इससे वो निराश हैं। उनका कहना है कि वो प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार जताना चाहते हैं कि उन्होंने देश को सफाई के मोर्चे पर प्रेरित किया। मगर पीएमओ के रुख की वजह से वो आजतक पीएम से मिल नहीं पाए।
इतना ही नहीं उनका कहना है कि अगर पीएमओ मोदी से मिलने का वक्त मुकर्रर नहीं कर पा रहा है तो कम से कम इन झाड़ूओं को दिल्ली भेजने की मंजूरी ही दे। राहुल जैन ने अपने आवेदन की जानकारी लेने के लिए पीएमओ में आरटीआई लगाएंगे।
ऐसे बनी है 'नमो झाड़ू' -
आठ फीट से ज्यादा ऊंची नमो झाड़ू नारियल की पत्तियों से बनी है, जिसे खासतौर पर तमिलनाडु के पोलाईची से मंगाया गया है। वहीं इसमें लगने वाला बांस असम से आया है। इस झाड़ू को आकार देने में मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले से आए मजदूरों का बड़ा हाथ है।

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