उन्होंने कहा कि त्योहारों पर प्रहार असामाजिक तत्वों का एजेंडा है, जो काफी दिनों से चल रहा है। सिर्फ पटाखों से पर्यावरण को उतना नुकसान नहीं होता, जितना कारखानों और परिवहन से होता है। पानी के नाम पर होली को बैरंग करने को भी उन्होंने गलत ठहराया।
कैबिनेट के बाद मंत्रालय में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि समाज की खुशियों को खत्म करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का षड्यंत्र हो रहा है। इस विदेशी आक्रमण के खिलाफ समाज को आगे आना चाहिए। ऐसे में तो आगे चलकर लोग अर्थी जलाने पर भी प्रतिबंध की बात करेंगे। प्रदेश में ऐसा हर्गिज नहीं होने दिया जाएगा। हम तो आनंद मंत्रालय के अंतर्गत त्योहारों को मनाने की बात कर रहे हैं। हमारा देश त्योहारों का देश है।

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