पुनम पुरोहित मंथन न्यूज दिल्ली-
दिल्ली मेट्रो के किराए को बढ़ाए जाने को लेकर दिल्ली सरकार, केंद्र और डीएमआरसी के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान के बीच आखिरकार आज से किराया बढ़ाने का ऐलान हो ही गया। बीते 6 महीने में डीएमआरसी ने दूसरी बार किराया बढ़ाया है। जिसका सीधा असर यात्री की जेब पर पड़ने वाला है।
क्यों बढ़ाया गया किराया
डीएमआरसी ने चौथे फेज का मेट्रो का काम शुरू कर दिया है। इस पर उसका कहना है कि चौथे फेज के निर्माण और अन्य नेटवर्कों के रख रख-रखाव का खर्च तय सीमा से अधिक हो गया है, इसलिए किराया बढ़ाना जरूरी है। डीएमआरसी का कहना है कि जहां साल 2008-09 में मेट्रो का ऑपरेशनल खर्च कुल राजस्व का करीब 55 फीसदी था वो साल 2016-17 में बढ़कर 74 फीसदी तक हो गया है।
केजरीवाल ने किया था विरोध
मेट्रो का किराया बढ़ाने को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विरोध किया था। केजरीवाल ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर मेट्रो को हर साल होने वाले घाटे की भरपाई करने की बात कही। उन्होंने कहा कि हम मेट्रो को हर साल 3000 करोड़ रुपये के होने वाले घाटे में से 1500 करोड़ रुपये की भरपाई करने के लिए तैयार हैं। लेकिन डीएमआरसी और दिल्ली सरकार के बीच हुई मीटिंग में दिल्ली सरकार के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया।
दिल्ली विधानसभा में किराया कम करने का प्रस्ताव हुआ पारित
दिल्ली विधानसभा में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली मेट्रो के किराया बढ़ोतरी को साजिश करार देते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार ओला, उबर जैसी निजी टैक्सी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के मकसद से मेट्रो का किराया बढ़ा रही है।
इस बीच दिल्ली विधानसभा में सिसोदिया ने मेट्रो का किराया कम करने का प्रस्ताव पास कर दिया। वहीं, बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि मेट्रो स्वायत्त संस्था है। उन्होंने दिल्ली सरकार से मेट्रो को होने वाले सालान 3000 करोड़ रुपये के नुकसान की भरपाई करने की मांग की।

Post a Comment