जनंसपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने दी कैबिनेट के अहम फैसले जानकारी

shivraj singh 11 10 2017पूनम पुरोहित  भोपाल। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने के बाद वेट, प्रवेश कर सहित अन्य कर में छूट सरकार नहीं दे सकती है। इसका असर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर न पड़े, इसके लिए सरकार ने बुधवार को कैबिनेट में उद्योग संवर्धन नीति में संशोधन को मंजूरी दे दी। इसके तहत अब निवेशकों को लागत पूंजी पर अनुदान मिलेगा। अनुदान 10 से लेकर 40 फीसदी तक होगा। इसके अलावा रोजगार देने वाले और बड़ी मात्रा में निर्यात करने वाले उद्योगों को अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी। 
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बुधवार का मंत्रालय में हुई कैबिनेट में कई अहम फैसले लिए गए। जनंसपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि बड़े निवेश पर रोजगार निर्माण, निर्यात की स्थिति को मद्देनजर रखते हुए निवेश प्रोत्साहन सहायता योजना को मंजूरी दी गई है। इसमें पूंजी लागत पर अनुदान दिया जाएगा। बड़े स्तर पर रोजगार देने वाले और बड़ी मात्रा में निर्यात करने वाले उद्योगों को अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।
4 हजार 633 अस्थायी पद होंगे स्थायी 
सरकार ने लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाले 4 हजार 633 अस्थायी पदों को स्थायी करने का फैसला किया। इसी तरह राज्य आनंद संस्थान में आठ अतिरिक्त पद बनाने को मंजूरी दी गई। बैठक में राज्य विधि आयोग को पुनर्जीवित करने का फैसला भी किया गया। इसके लिए 30 पद बनाने की मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने वकील पंचायत में इसकी घोषणा की थी।
5 हजार 994 विस्थापितों के लिए विशेष पैकेज
राजगढ़ की कुंडालिया सिंचाई परियोजना के 5 हजार 994 विस्थापितों को सरकार विशेष पुर्नवास पैकेज देगी। इसमें 81 करोड़ नौ लाख रुपए विस्थापितों को अतिरिक्त तौर पर दिए जाएंगे। उधर, एक अन्य फैसले में खरगोन में एनटीपीसी को 2660 मेगावॉट की बिजली परियोजना के लिए रेल लाइन डालने सनावद तहसील के 21 गांवों में 23 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन देने का फैसला किया गया।
सीबीडी से जुड़ा प्रस्ताव खारिज
राजधानी भोपाल के साउथ टीटी नगर में बन रहे सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (सीबीडी) प्रोजेक्ट की समयसीमा बढ़ाने का प्रस्ताव खारिज हो गया। दरअसल, मंत्रिमंडलीय समिति ने जब सिफारिश की थी, तब हाईकोर्ट का फैसला नहीं आया था। हाईकोर्ट ने प्रोजेक्ट की जमीन को फ्री-होल्ड करने एक माह में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार इसको लेकर महाधिवक्ता से राय लेने जा रहा है। यदि सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की राय दी जाती है तो कैबिनेट से इसकी अनुमति ली जाएगी। यदि हाईकोर्ट के फैसले पर ही आगे बढ़ने का फैसला हो जाता है तो नए तथ्य मंत्रिमंडलीय समिति के सामने रखे जाएंगे।
इसके आधार पर समिति जो सिफारिश करेगी, उसे कैबिनेट के सामने अंतिम निर्णय के लिए रखा जाएगा। इसी तरह भंडार क्रय नियम में संशोधन का प्रस्ताव भी खारिज हो गया। सरकार इसके माध्यम से लघु उद्योग निगम की आरक्षित सामान सूची को समाप्त कर ईजैम (गवर्मेंट ई मार्केट प्लेस) से खरीदी करने की व्यवस्था लागू करने जा रही थी।
अन्य फैसले
- उच्च शिक्षा विभाग की पुरस्कार एवं प्रोत्साहन योजना को अगले तीन साल जारी रखने सैद्धांतिक सहमति दी गई। इस पर करीब पौने नौ लाख रुपए का खर्च आएगा।
- विमुक्त, घुमक्कड़ एव अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति के लिए काम करने वाले समाजसेवक को पुरस्कार संत श्री सेवालाल महाराज के नाम पर दिया जाएगा। कैबिनेट ने विभागीय योजना के नामकरण को मंजूरी दी।