शिवपुरी पर्यटन नगरी को संवारने शिवपुरी में 6 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक मुख्यमंत्री पर्यटन उत्सब।


पधारे शिवपुरी कैसे हो संवारे शिवपुरी

शिवपुरी । शिवपुरी जिला अपने आप में एक  ऐतिहासिक महत्व रखता है पर्यटन के लिए सुस्त पडे शिवपुरी जिले को संवारने एवं प्रख्यात महत्व दिलाने के लिए जिला प्रशासन एवं जिला पर्यटन संवर्धन परिषद शिवपुरी  के तात्वाधान में मुख्यमंत्री पर्यटन उत्सव का  आयोजन 6 अक्टूबर से  25 अक्टूबर तक किया जायेगा।
कलेक्टर एवं जिला पर्यटन संवर्धन कार्यकारिणी परिषद के अध्यक्ष तरुण राठी ने बताया कि शिवपुरी जिले में पर्यटकों को लुभाने के लिए 11 दिवसीय पर्यटन उत्सव मनाया जा रहा है। इससे पहले शिवपुरी के पूर्व कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ने शिवपुरी को सवारने की पहल शुरु की थी और शिवपुरी उत्सव कार्यक्रम का. भव्य आयोजन किया था।उस मुहिम को आगें बढाते हुए कलेक्टर तरूण राठी ने शिवपुरी को संवारने का कार्य शुरु कर दिया है  कार्यक्रम का इन्द्रधनुष शुभारंभ राजा मानसिंह कला एवं संगीत विश्वविद्यालय ग्वालियर के कलाकारों द्वारा गीत, संगीत एवं नृत्य की शानदार प्रस्तुति से होगा तथा समापन विरासत से संवाद कार्यक्रम से किया जाएगा। 11 दिनों तक चलने वाले इस पर्यटन उत्सव की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस मौके पर भदैयाकुंड के झरने को चालू कराने, नेशनल पार्क में प्रवेश शुल्क कम करने सहित अन्य सुझाव पत्रकारों की ओर से दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जिले के पर्यटक स्थलों को संभाग से लेकर प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाए और इसी के तहत शिवपुरी के मनमोहक पर्यटन स्थलों को आकर्षक बनाया जा रहा है। शिवपुरी के ऐतिहासिक इमारतों, सांस्कृतिक विरासत एवं कला आदि से लोग रूबरू हो सकें इसी उद्देश्य को ध्यान में रखा गयाहै

शिवपुरी पर्यटन की झलकियो के कुछ चित्र

पर्यटक गांव
शिवपुरी पर्यटन केंद्र है। यहाँ पर दूर-दूर से पर्यटक सदैव आते रहते है। शिवपुरी पूरे वर्ष सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है लेकिन प्रथम वारिश के बाद यहां की प्रकृति में चारु चाँद लग जाते हैं। सैलानियों के ठहरने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से पर्यटक गांव की स्थापना की गई है। यह प्राकतिक कुण्ड " भदैया कुण्ड " के निकट स्थित है।
छतरी

छतरी अलंकृत संगमरमर की कारीगरी का उत्कृष्ट नमूना है। छतरी में प्रवेश करते ही विधवा रानी महारानी सख्या राजे सिंधिया की स्मृति में समाधि स्थल है।



सुरवाया की गढ़ी, भारत के इतिहास को कई मायनों में देदीप्‍यमान करती है। जैसा कि शिवपुरी के नाम से ही स्‍पष्‍ट है कि इस शहर का नाम हिंदूओं के भगवान शिव के नाम पर रखा गया है। भारत के प्रचीन मंदिरों को शिवपुरी में देखा जा सकता है। शहर के आसपास के आधुनिक विकास के साथ, पर्यटकों को यहां की सैर पर रोम जैसा महसूस होता है जब वह आधुनिक इमारतों से प्राचीन अवशेषों की ओर रूख करते है।