सेना बोली- मारे गए 4 लोग आतंकियों के मददगार थे, महबूबा ने कहा- वे आम नागरिक

पूनम पुरोहित ,मंथन न्यूज़ जम्मू - जम्मू-कश्मीर के शोपियां में रविवार को दो आतंकियों समेत छह लोगों के मारे जाने के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। सेना ने आतंकियों के अलावा घटना में मारे गए चार लोगों को आतंकियों का ओवरग्राउंड वर्कर यानी मददगार बताया है। लेकिन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इसे क्रॉस फायरिंग में फंसे आम नागरिकों की मौत बताते हुए शोक जताया। उनके बयान के बाद भी सेना अपनी बात पर कायम रही। बता दें कि शोपियां में रविवार रात आतंकियों ने सेना की मोबाइल चेक पोस्ट पर हमला कर दिया। सेना की जवाबी फायरिंग में 6 लोग मारे गए थे।शोपियां एनकाउंटर: सेना बोली- मारे गए 4 लोग आतंकियों के मददगार थे, महबूबा ने कहा- वे आम नागरिक, national news in hindi, national news
पक्ष-विपक्ष ने उठाए सेना की कार्रवाई पर सवाल
- स्थानीय नागरिकों के विरोध के बीच पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस और माकपा ने भी सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग कर डाली।
- राजनीतिक दलों ने एक सुर में कहा कि नागरिकों की हत्या किसी सूरत में जायज नहीं ठहराई जा सकतीं।
- इसी बीच, सेना ने कहा कि घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद्य ने भी कहा कि चार नागरिक आतंकियों के मददगार थे या नहीं, इसकी जांच कर रहे हैं।
कश्मीर में हो रहे हैं विरोध प्रदर्शन
-सोमवार को पूरे कश्मीर में विरोध-प्रदर्शन हुए। इनमें 10 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। सेना पर पथराव किया गया।
- स्थानीय लोगों का आरोप है कि सेना की कार्रवाई में मारे गए चार लोगों का आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं था।
- बड़ी संख्या में घरों से निकले लोगों ने सेना पर पथराव किया। सेना ने आंसू गैस के गोलों से भीड़ को हटाने की कोशिश भी की। 
- जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चेयरमैन यासीन मलिक समेत कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

इंटरनेट सर्विस बंद
- हालात को देखते हुए प्रशासन ने पुलवामा और शोपियां में इंटरनेट सर्विस बंद कर दी, ताकि अफवाहें फैलने से रोकी जा सकें। इलाके में अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। वहीं, पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। 
- कश्मीर के आईजी एसपी पाणी ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। डीजीपी एसपी वैद ने बताया कि स्थिति अब काबू में है। मामले की जांच चल रही है।
रविवार को हुआ था एनकाउंटर
- सेना के मुताबिक, 44 राष्ट्रीय राइफल ने पहनू इलाके में हाईस्कूल के सामने मोबाइल चेक पोस्ट का नाका लगा रखा था। रविवार रात करीब 8 बजे एक कार में आतंकी आए और नाके पर पहुंचते ही फायरिंग शुरू कर दी।
- इसके बाद सेना की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में 6 लोग मारे गए। 
- इनमें से 2 लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी और 4 ओवर ग्राउंड वर्कर्स थे। 
- मारे गए आंतकियों की पहचान शाहिद अहमद डार और आशिक हुसैन भट्ट के रूप में हुई। 
- पुलिस ने 4 लोगों की मौत की पुष्टि रविवार रात को कर दी थी। वहीं दो लोगों की बॉडी सोमवार सुबह बरामद की गई।