पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के नियमों को लेकर मची गफलत शुक्रवार को स्पष्ट हो गई। नई कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के नियमों में जो संशोधन होने थे, उसे वित्त विभाग से मंजूरी मिल गई है। शनिवार को इसका गजट नोटिफिकेशन भी जारी हो सकता है। इसके बाद सभी जिलों के कलेक्टर को गाइडलाइन बनाने के लिए एक माह का समय दिया जाएगा। इसके बाद एक मई 2018 से नई कलेक्टर गाइडलाइन लागू की जाएगी। दरअसल, शुक्रवार को वित्त विभाग से अनुमति के बाद नियमों में संशोधन वाली फाइल आईजी पंजीयन कार्यालय पहुंच गई है। गजट नोटिफिकेशन होने के बाद आई पंजीयक एक आदेश जारी करेंगे, जिसमें सभी कलेक्टरों को एक माह का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। अभी एक महीने तक पुरानी गाइडलाइन के आधार पर ही रजिस्ट्रियां होंगी।
बता दें कि 23 अक्टूबर 2017 को पंजीयन विभाग ने भारतीय स्टॉम्प (मप्र संशोधन) अधिनियम 2016 में संशोधन कर स्टॉम्प अधिनियम की धारा 47 (क) को विलोपित करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। इस धारा में कलेक्टर गाइडलाइन बनाने का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं था, बल्कि 47 (क) बाजार भाव के मूल्यांकन से संबंधित थी, लेकिन गाइडलाइन की स्पष्ट परिभाषा नहीं थी। वहीं पेनाल्टी के स्पष्ट प्रावधान न होने के कारण इसे मप्र में संशोधित करते हुए विलोपित किया गया। इसकी जगह नई गाइडलाइन बनाने के लिए नियमों में संशोधन किया जा चुका है। अब नई गाइडलाइन भारतीय स्टांप अधिनियम 1899 के संशोधन 2017 के तहत धारा 2-16 (ग) के अंतर्गत बनाई जाएगी। हालांकि, यह फाइल अभी तक विधि विभाग के पास अटकी हुई थी। जिसे शुक्रवार को मंजूरी मिल गई। इधर, सूत्र बताते हैं कि इस तरह की स्थिति 1996 में भी निर्मित हुई थी, जब हाईकोर्ट के एक आदेश पर कलेक्टर गाइडलाइन को समाप्त कर संदर्भ सूची के नाम पर कुछ नियम बनाए गए थे। जिसके चलते तीन साल तक बिना दाम बढ़ाए ही रजिस्ट्रियां की गई थीं। पंजीयन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार उप जिला मूल्यांकन समिति से जो प्रस्ताव प्राप्त हुआ था, उसे संशोधित कर दिया गया है। हालांकि 2003 और 2004 में उप चुनाव के चलते भी कलेक्टर गाइडलाइन बनाने की तिथि बढ़ाई गई थी। इसी तरह इस साल भी एक माह का अतिरिक्त समय बढ़ाने के लिए आदेश जारी किया जाएगा।
- यह थी परेशानी, इसलिए अटका था संशोधन
बता दें कि अब तक यह मामला सिर्फ इसलिए अटका था, क्योंकि हिंदी में तो संशोधन प्रमुख सचिव ने एप्रूव कर दिया था, लेकिन अंग्रेजी में टंकड़ त्रुटि हो गई थी। जिसके चलते विधि विभाग ने अनुमति नहीं दी थी। अब अंग्रेजी भाषा में भी संशोधन कर दिया गया है।
जिला मूल्यांकन समिति में बढ़ेंगे जमीनों के दाम
कलेक्टर गाइडलाइन में इस साल शहर के विकसित क्षेत्रों की जमीन के दाम औसत रेट के आधार पर तय किए जाएंगे। इसमें करीब 10 फीसदी बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। जबकि, अन्य लोकेशनों में जमीन के दाम पिछले साल की तरह ही यथावत रहेंगे। एक अप्रैल से एक मई तक इस संबंध में जिला मूल्यांकन समिति बैठके करेंगी। 31 मार्च की रात 12 बजे के बाद कलेक्टर गाइडलाइन बनाने को लेकर नए सिरे से आदेश जारी किया जाएगा।
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- संशोधन कर लिया है
कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के लिए नियमों में संशोधन कर लिया गया है। गजट नोटिफिकेशन होने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।
मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव, वाणिज्यिक कर

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