मंथन न्युज-
फेसबुक इस्तेमाल करने वाले लोगों की डाटा चोरी को लेकर भारत में गर्म राजनीतिक पारा के बीच ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम के मोबाइल एप 'नमो'पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मोदी अपने अमेरिकी दोस्त कंपनियों को डाटा साझा कर रहे हैं। भाजपा ने भी इस आरोप का करारा जवाब दिया है और कहा है कि राहुल गांधी से इससे ज्यादा की उम्मीद नहीं है। साथ ही नमो एप के तौर तरीके को स्पष्ट किया।
राहुल ने पहले ट्विटर पर बेहद तंज भरे अंदाज में लिखा कि, ''मेरा नाम नरेंद्र मोदी है। मैं भारत का प्रधानमंत्री हूं। जब आप मेरे आधिकारिक एप को 'साइन अप' करते हैं तो मैं आपका सारा डाटा अमेरिकी कंपनियों में अपने दोस्तों को दे देता हूं।'' इसके साथ राहुल ने एक स्टोरी भी शेयर की है जिसमें फ्रांस की एक आईटी कंपनी के हवाले से किये गये ट्विट का जिक्र है। इसमें दावा किया गया है कि जब नरेंद्रमोदी एप को डाउनलोड किया जाता है तो ऐसे लोगों की सारी जानकारी उनसे पूछे बगैर एक दूसरे साइट को चली जाती है। राहुल गांधी ने अपने ट्विट में मीडिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि, मेनस्ट्रीम मीडिया को धन्यवाद जो इस मुद्दे को छिपाने का काम कर रहे हैं।
भाजपा ने भी इसका ट्विटर के जरिए ही जवाब दिया है। पार्टी के ट्विटर हैंडल भाजपाफारइंडिया ने कहा है कि राहुल गांधी से इससे ज्यादा की उम्मीद नहीं है। हम राहुल गांधी को भी यह सलाह देंगे कि वह नमो एप को डाउनलोड करे ताकि उन्हें पता चले कि भारत में कुछ अच्छा भी हो रहा है। सच्चाई यह है कि यहां भी डाटा सिर्फ थर्ड पार्टी सर्विस के लिए एनालिसिस के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह वैसा ही है जैसे गूगल एनालिटिक्स करती है। इस एप के इस्तेमाल करने वालों का डाटा कहीं भी स्टोर नहीं किया जाता। इसका इस्तेमाल उपयोगकर्ता को उसी तरह की अन्य सेवाएं देने में की जाती है। इससे बेहतर सेवा देने में सहूलियत होती है। मसलन, अगर कोई ग्राहक इस एप पर सिर्फ कृषि के बारे में जानकारी लेता है तो भविष्य में उसे कृषि से संबंधित अन्य जानकारियां भेजी जाती है।
राहुल गांधी नरेंद्र मोदी के सामने कहीं नहीं ठहरते। जिस दिन नमोएप को खत्म करने का अभियान सोशल मीडिया पर चलाया गया उस दिन इसको डाउनलोड करने वालों की संख्या और तेजी से बढ़ी है। यह भी स्पष्ट किया गया कि एप में गेस्ट मोड में ही अनुमति दी जाती है और उसके लिए किसी व्यक्तिगत डाटा की जरूरत नहीं होती है। अगर कोई व्यक्ति अपनी जन्मतिथि और ईमेल डालता है तो उसे प्रधानमंत्री की ओर से जन्मदिन की बधाई दी जाती है। लेकिन राहुल गांधी इसे नहीं समझ सकते हैं।

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