पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ -मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुक्रवार की गई अधिकारी-कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयुसीमा बढ़ाने संबंधी घोषणा से ज्यादातर कर्मचारी जगत ही खुश नहीं है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को रोजगार के अवसर देने के साथ-साथ कर्मचारियों की लंबित मांगों का निराकरण करना होगा। कुछ संगठनों ने खुशी भी जताई है।
मप्र कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र खोंगल ने कहा कि हाईकोर्ट ने 2016 में पदोन्नति में आरक्षण नहीं देने का फैसला दिया था। सरकार इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई। इसके कारण मई 2016 से अब तक 30 हजार अधिकारी, कर्मचारी बिना पदोन्नति के रिटायर हो गए। अभी भी मामला कोर्ट में है और बिना पदोन्नति के अधिकारी-कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं जिन्हें पेंशन में भी नुकसान होगा। चुनावी साल में इसका गलत असर पड़ता देख सरकार ने रिटायरमेंट की आयु सीमा बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि घोषणा का लाभ मई 2016 से अब तक सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को भी मिलना चाहिए।
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संविदा कर्मरियों को फायदा नहीं
संविदा कर्मियों को कोई फायदा नहीं होगा। उन्हें तो सरकार 5, 10 व 15 साल की नौकरी करने के बाद हटा रही है। बेहतर है कि उन्हें जल्दी नियमित करें।
- रमेश राठौर, अध्यक्ष संविदा अधिकारी-कर्मचारी महासंघ
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बेरोजगारों का नुकसान
घोषणा से युवाओं का जीवन खराब होगा। क्योंकि रिटायरमेंट के बाद खाली पदों पर युवाओं को रोजगार मिलता, जो दो साल तक नहीं मिलेगा। हजारों युवाओं की उम्र तय मापदंड से अधिक हो जाएगी।
- अभिषेक सोनी, अध्यक्ष सपाक्स युवा इकाई
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घोषणा नहीं, लाभ भी मिले
पूर्व में कई घोषणाएं हुई। जैसे केंद्र के समान जस का तस सातवां वेतनमान देंगे, जो विसंगतिपूर्ण मिला। आज भी 10 लाख कर्मचारी इस लाभ से वंचित हैं। घोषणा नहीं, लाभ भी मिलना चाहिए।
- संरक्षक अधिकारी, कर्मचारी संयुक्त मोर्चा
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सभी मुद्दों पर ध्यान दें
परामर्शदात्री समिति की बैठक नियमित कराने व ग्रुप इंश्योरेंश बीमा का दायरा बढ़ाने समेत 34 मांगें लंबित है, जिन पर खर्च नहीं आएगा। इन पर भी ध्यान देना होगा। यह घोषणा अच्छी है।
- जितेंद्र सिंह, अध्यक्ष अधिकारी, कर्मचारी संयुक्त मोर्चा
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बेरोजगारी को बढ़ावा
अनुभवी अधिकारी, कर्मचारियों की सेवा का लाभ तो मिलेगा, लेकिन बेरोजगारी बढ़ेगी। सरकार को 12 हजार डिप्लोमा इंजीनियरों का ग्रेड-पे बढ़ाना चाहिए।
- आरकेएस तोमर, महामंत्री, मप्र डिप्लोमा इंजीनियर एसो.
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राजनीतिक निर्णय
इसे राजनीतिक व दबाव में आकर लिया गया निर्णय मान सकते हैं। जिसका लाभ कम, नुकसान अधिक होगा। इसकी भरपाई युवाओं को करनी पड़ेगी।
- विजय श्रवण, प्रवक्ता अजाक्स
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रोजगार देना जरूरी
जिन्हें अभी लाभ मिल रहे हैं उन्हें और लाभ देने से ज्यादा अच्छा होता कि बेरोजगारों को मौका दिया जाता। यह हर वर्ग के बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा है। सरकार ने यह ठीक नहीं किया।
- एपी पटेल, अध्यक्ष अपाक्स
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पदोन्नति में आरक्षण खत्म कराएं
सरकार जरूरी मुद्दों पर ध्यान दें, ऐसी घोषणा से फायदा नहीं होने होगा। पदोन्नति में आरक्षण खत्म कराएं तब ही योग्यताधारी अधिकारी, कर्मचारियों का लाभ मिलेगा।
- डॉ. केएस तोमर, संस्थापक सदस्य सपाक्स
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इन्होंने जताई खुशी
मप्र निगम मंडल कर्मचारी अधिकारी महासंघ के अजय श्रीवास्तव, अनिल बाजपेयी,चंद्रशेखर परसाई, राज्य कर्मचारी संघ के राजेंद्र शर्मा समेत दर्जनों संगठनों ने घोषणा पर खुशी जताई है।

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