पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली - इराक में मारे गए 39 भारतीयों के मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष द्वारा किए हंगामें परविदेश मंत्री सुषमा स्वराज के नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रेस कांफ्रेस कर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा, 'राज्यसभा में मेरी बात सुनी गई, लोकसभा में नहीं'। इस गंभीर मुद्दे पर कांग्रेस की असंवेदनशीलता सामने आ गई। विदेश मंत्री ने कहा कि, कांग्रेस अध्यक्ष ने जानबूझ कर ज्याोतिरादित्य सिंधिया को हंगामे की जिम्मेदारी दी थी। हंगामे को कांग्रेस ने आज भी जारी रखा सुषमा स्वराज ने कहा कि, राज्यसभा में सभी ने मेरी बात को शांति और धैर्य के साथ सुना और सभी ने श्रद्धांजलि दी। मैंने सोचा ऐसा ही लोकसभा में होगा। लेकिन कुछ दिनों से लोकसभा में चल रहे हंगामे को कांग्रेस ने आज भी जारी रखा। कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व ज्याोतिरादित्य सिंधिया कर रहे थे। यह बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण था। आज कांग्रेस ने राजनीति को बेहद ही निचले स्तर पर गिरा दिया।
जितने भारी मन से गई थी, उससे भारी मन से लौटी सुषमा स्वराज ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि, शायद कांग्रेस अध्यक्ष ने सोचा कि कैसे राज्यसभा में कोई हंगामे नहीं हुआ, इसके बाद उन्होंने ज्याोतिरादित्य सिंधिया को हंगामे की जिम्मेदारी दी। वह लोकसभा में मौतों पर राजनीति कर रहे थे। आज कांग्रेस का व्यवहार सीमा पार कर गया। सरकार की पूरी बात रिकॉर्ड में आ गई, ऐसा कैसे हो गया। लोकसभा में जितने भारी मन से गई थी, उससे भारी मन से लौटी।
सरकार ने लोगों को ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास किया मैं कांग्रेस से पूछना चाहती हूं कि ऐसी कौन सी वजह थी कि उन्होंने सदन की कार्यवाही बाधित की। जहां तक इस घटना का ताल्लुक है, मैं कहना चाहूंगी कि 2014 की घटना है ये जून की और अब 2018 का मार्च आ गया है। इस बीच में उन लोगों को ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास किया गया। जो भी सोचा जा सकता है, किया जा सकता है, सरकार ने वो किया। पीएम समेत हम सभी लोग इसमें लगे हैं। मैं तमाम द्वपक्षीय वार्ताओं की साक्षी हूं, जिसमें पीएम ने 39 लोगों को ढूंढने के लिए इस मुद्दे को बड़ी ही संवेदना से उठाया था।

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