अस्पताल पहुंचने वाला हर पांचवां मरीज अनिद्रा का शिकार

sleep indore mobile 15 03 2018पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -सोशल मीडिया के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। अस्पताल पहुंचने वाला हर पांचवा मरीज अनिद्रा का शिकार है। देर रात तक वाट्सअप और फेसबुक पर ऑन लाइन रहने वालों की कार्यक्षमता 40 प्रतिशत तक प्रभावित हो रही है। अनिद्रा डायबीटिज, ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियां बढ़ा रही हैं।
मानसिक चिकित्सालय और एमवाय अस्पताल की ओपीडी में हर दिन लगभग 50 मरीज इसी तरह की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। हाल ही में हुए एक सर्वे में यह जानकारी सामने आई है। यह सर्वे एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों पर किया गया था।
शुक्रवार को विश्व निद्रा दिवस के मौके पर एमवायएच के सभागृह में इस मुद्दे को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई है। इसमें विशेषज्ञ मरीजों के सवालों के जवाब देंगे। मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ.सलिल भार्गव ने बताया कि लाइफ स्टाइल में आया बदलाव अनिद्रा की बड़ी है। लोग देर रात तक सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते है। उनमें बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) बढ़ रहा है। मोटापा बढ़ रहा है।
तेजी से बढ़ रही आब्स्ट्रक्टीव स्लीप एप्नीया (ओएसए) के मरीज
डॉ.भार्गव ने बताया कि लाइफ स्टाइल में बदलाव की वजह से आब्स्ट्रक्टीव स्लीप एप्नीया (ओएसए) के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसमें गले के आसपास चर्बी जमा होने लगती है। इस वजह से सोने के कुछ देर बाद ही नसें चौक होने लगती हैं। इस वजह से शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। थोड़ी-थोड़ी देर में ही मरीज की नींद खुलती है। नींद पूरी नहीं होने की वजह से अगले दिन मरीज को सुस्ती छाई रहती है। धीरे-धीरे नींद कम होने लगती है। इसके दुष्परिणाम डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के रूप में सामने आने लगते हैं।
उम्र भर लगाना होती है सी-पेप मशीन
डॉक्टरों के मुताबिक ओएसए बीमारी के मरीज को उम्रभर सोते वक्त सी-पेप मशीन लगाना पड़ती है। बीमारी का पता लगाने के लिए एक अन्य मशीन से पता लगाया जाता है कि नींद की हालत में ऑक्सीजन की कितनी मात्रा शरीर में जा रही है। ओएसए का इलाज गोलियों से नहीं हो सकता। नींद में नसों के दबने से जैसे ही ऑक्सीजन सप्लाय प्रभावित होती है सी-पेप मशीन प्रेशर बनाती है और नसों खुल जाती हैं।
यह है अनिद्रा की वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक देर रात तक जागने के लिए लोग कैफीन युक्त पेय पदार्थ (चाय, कॉफी, कोल्डिंग्स आदि) का इस्तेमाल करते हैं
-खानपान में जंक फूड का इस्तेमाल बढ़ने से मोटापा बढ़ रहा है। इस वजह से ओएसए के मरीज सामने आ रहे हैं
-महिलाओं में मेनोपॉज की समस्या
-बढ़ता टेबल वर्क और घटता व्यायाम
अच्छी नींद के लिए क्या करें
-सोने से पहले हाथ-पैर पानी से धोएं
-लाइट्स और मोबाइल ऑफ करके सोएं
-सोने से कम से कम आधा घंटा पहले सोशल मीडिया से दूरी बना लें
-म्यूजिक थैरेपी इंस्ट्रूमेंटल
-रात के खाने में स्पाइसी भोजन से बचें, सोने से कम से कम दो घंटे पहले खाना खाएं
-प्राणायाम और निद्रा योग करे
बढ़ रहे हैं अवसाद के मरीज
अनिद्रा की वजह से मनोरोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। जीवन शैली में हुए बदलाव की वजह से लोग अवसाद का शिकार हो रहे हैं। सोशल मीडिया में व्यस्त रहने की वजह से नींद पूरी नहीं होती। धीरे-धीरे अनिद्रा की बीमारी हो जाती है। मनोरोग विभाग में पहुंचने वाले मरीजों में कम से कम 25 प्रतिशत इससे पीड़ित हैं।
डॉ.वीएस पाल, मनोरोग चिकित्सक
एमवाय अस्पताल में कार्यशाला आज
विश्व निद्रा दिवस के मौके पर शुक्रवार को एमवायएच में कार्यशाला आयोजित की गई है। डॉ.सलिल भार्गव, डॉ.वीएस पाल कार्यक्रम में इस मुद्दे को लेकर व्याख्यान देंगे और लोगों के सवालों के जवाब देंगे। कार्यक्रम दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक होगा।