सीएम शिवराज ने नारियल पानी पीकर तोड़ा उपवास, कहा- 'मंदसौर हिंसा के दोषी बख्शे नहीं जाएंगे'

मंदसौर से शुरु हुए मध्यप्रदेश के किसान आंदोलन में हुई हिंसा के बाद बिगड़े हालात के बाद प्रदेश में शांति स्थापित करने के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान उपवास कर रहे थे. रविवार दोपहर उन्होंने नारियल पानी पीकर अपना उपवास तोड़ा, उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी साधना सिंह ने भी उनके साथ प्रदेश की शांति के लिए उपवास रखा था.

उपवास तोड़ने से पहले सीएम शिवराज ने कहा कि मंदसौर हिंसा की उच्चस्तरीय जांच की जाएगी और इसके दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा. सीएम ने इस बात पर संतोष जताया कि उनके उपवास के दौरान प्रदेश में कहीं भी हिंसा नहीं हुई. पूर्व सीएम कैलाश जोशी ने शिवराज का उपवास खत्म करवाया.

यहां पढ़ें उनके संबोधन की मुख्य बातेंः

- जब-जब किसानों पर विपत्ति आई मैं सीएम हाउस में नहीं बैठा, मैं चैन से नहीं सोया.

- नर्मदा का पानी मालवा में लाने की बात पर कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने असंभव बताया था, हमने इस संभव कर दिखाया.
- मेरा संकल्प है कि बिना सिंचाई के कोई खेत नहीं छूटेगा.
- किसानों को कब्जे की जमीन का वनाधिकार कानून के तहत मालिक बनाया जाएगा.
- माइनस 10 पर्सेंट पर ब्याज देने का काम एमपी सरकार ने किया है.
- कृषि उत्पादन में एमपी नंबर एक, प्रदेश में कृषि उत्पादन दोगुना हुआ.
- किसानों के बच्चों को रोजगार दिलाने में सरकार मदद करेगी.
- प्रदेश का हर किसान फसल बीमा का हकदार होगा.
- किसानों को फसल की सही कीमत देने के लिए हम कृषि स्थिरिकरण कोष बना रहे हैं, यह कोष एक हजार करोड़ का होगा.
- कृषि उत्पाद और विपणन आयोग का गठन करेंगे जो कि लागत से जुड़े मामलों पर काम करेगा
- हर नगर पालिका निगम में किसान बाजार बनाये जाएंगे जहां किसान सीधे अपना सामान बेच सकेगा.
- भारत सरकार के समर्थन मूल्य से नीचे कोई भी फसल नहीं खरीदी दी जाएगी, यदि कोई समर्थन मूल्य से कम फसल खरीदेगा, तो उसे अपराध माना जाएगा.
मंदसौर हिंसा की उच्च स्तरीय जांच होगी.
- किसान के नाम पर आंदोलन में शैतान घुस गए, जिन्होंने मध्यप्रदेश को बदनाम करने की कोशिश की.
- दूध खरीदी के लिए अमूल फॉर्मुला लागू किया जाएगा.
- हिंसा के दौरान जिनकी निजी संपत्ति को नुकसान हुआ उन्हें भी राहत राशि देगी सरकार.
- कांग्रेस ने किसानों को भड़काने का काम किया, हर बात में विपक्ष को राजनीति नहीं करनी चाहिए.

दशहरा मैदान में बनाया अस्थाई मंत्रालय
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दशहरा मैदान के मंच के पीछे अपना अस्थाई मंत्रालय बनाया है. यहां वह स्कूल चलो अभियान की समीक्षा बैठक ले रहे हैं. वहीं किसान मुद्दे पर भाजपा कार्यालय में केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत, नरेंद्र सिंह तोमर और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने भी अहम बैठक की. इसके बाद वे तीनों भी दशहरा मैदान पहुंच चुके हैं.

उपवास तोड़ने की मांग
रविवार सुबह मध्यप्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने सीएम से मुलाकात कर उनसे उपवास खत्म करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि दो दिनों से प्रदेश में कहीं भी किसी तरह की हिंसा नहीं हुई है. वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा कि लहू और लाश पर राजनीति करने वालो को जनता बेनकाब कर रही है. बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने सीएम से उपवास खत्म करने की अपील की. विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया. विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष राहुल सिंह पर साधा निशाना. कहा अगर उन्हें हवन करना ही है तो राहुल गांधी की बुद्धि के लिये यज्ञ करें. केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत ने भी उनसे उपवास तोड़ने का आग्रह किया है.

मृतकों के परिजनों से की मुलाकात
मंदसौर घटना में मारे गए किसानों के परिजनों ने शनिवार को सीएम से मुलाकात की और उनसे उपवास खत्म करने का आग्रह किया. कयास लगाए जा रहे हैं कि रविवार को सीएम अपना उपवास तोड़ सकते हैं.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह रात भर ठीक से सो नहीं पाए. उन्होंने कहा कि वह रात भर सो नहीं पाए, थोड़ी बहुत नींद लगी भी तो सपने में उन्हें किसान ही दिखते रहे. उन्होंने कहा कि वह एसी में रहने वाले सीएम नहीं हैं और मृत किसानों के परिजनों से मिलकर वह भावुक हो गए थे.

दूसरे दिन बारिश ने डाला खलल
सीएम शिवराज भोपाल के भेल स्थित दशहरा मैदान में उपवास कर रहे हैं. शनिवार रात भोपाल में हुई बारिश की वजह से दशहरा मैदान में वहां काफी कीचड़ भी जमा हो गया है. सीएम ने रात दशहरा मैदान में ही गुजारी.