पुनम पुरोहित मंथन न्यूज-सिक्किम सेक्टर में भारत-चीन-भूटान ट्राई जंक्शन क्षेत्र में चीनी सेना से गतिरोध समाप्त होने के बावजूद डोकलाम के चुम्बी घाटी में चीनी सैनिकों की बढ़ती तैनाती को लेकर भारतीय सेना सतर्क हो गई है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार को दो दिन के लिए सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश जा रही हैं। वे चीन से लगती सीमाओं पर स्थिति की समीक्षा करेंगी। अामतौर पर इस मौसम में चीनी सैनिक चुम्बी घाटी क्षेत्र से हटना शुरू कर देते हैं। इस बार 500 से अधिक चीनी सैनिक क्षेत्र में डटे हैं। चीनी गतिविधियों को देखते हुए भारत ने भी सेना को इस क्षेत्र में हाई अलर्ट पर रखा है और क्षेत्र में हो रही गतिविधियों पर भारतीय सैनिकों की कड़ी नजर है। रक्षा मंत्री को वायु सेना के कुछ कार्यक्रमों में शामिल होंगी। वह क्षेत्र के सैन्य कमांडरों के साथ बात करेंगी और रक्षा तैयारियों का जायजा लेंगी।
चीन ने कहा- डोकलाम में सेना की गश्ती हमारा अधिकार
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि डोकलाम क्षेत्र हमेशा से उसका है। पीएलए अपने ही क्षेत्र में गश्त कर रही है और यह उसका अधिकार है।
डोकलाम में चीन की सेना मौजूद नहीं
चीन की गतिविधियों की रिपोर्टों के बीच भारत ने स्पष्ट किया है कि डोकलाम में भारत-चीन की सेना सीमा पर जहां आमने-सामने थी, वहां कोई नया डेवलपमेंट नहीं हुआ है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि डोकलाम क्षेत्र में 28 अगस्त के बाद की स्थिति बरकरार है। चीन की सेना की गतिविधियों को लेकर मिल रही रिपोर्ट सही नहीं हैं। इसमें कहा गया है कि भारत इस मामले में भूटान से लगातार संपर्क में है।
73 दिन दोनों सेनाएं थीं आमने-सामने
डोकलाम क्षेत्र में 16 जून से चीन और भारत की सेना आमने-सामने थी। 73 दिन के बाद 28 अगस्त को दोनों सेनाएं पीछे हटी। अब रिपोर्ट मिल रही है कि गतिरोध की जगह से कुछ किमी दूर चीन अपनी अधूरी सड़क को चौड़ा और लंबा कर रहा है। वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने गुरुवार को कहा था कि चुम्बी घाटी में चीनी सैनिक अभी भी तैनात हैं।
केंद्र की पहल : कश्मीर घाटी के लोगों की समस्याओं की पड़ताल करेगा अध्ययन दल
केंद्र सरकार ने पाकिस्तान की सेना की फायरिंग के कारण जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती गांवों के लोगों को हो रही समस्याओं का पता लगाने के लिए अध्ययन दल का गठन किया है। गृह मंत्रालय की स्पेशल सेक्रेटरी रीना मित्रा के नेतृत्व वाले इस दल में जम्मू-कश्मीर के प्रिंसिपल सेक्रेटरी (गृह), जम्मू और श्रीनगर के डिवीजनल कमिश्नर शामिल होंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि सीमा पर इस साल अब तक 600 बार संघर्ष-विराम का उल्लंघन किया है, जो एक दशक में इस अवधि में सबसे अधिक है। इनमें 8 नागरिक मारे गए, जबकि सुरक्षा बलों के 16 जवान शहीद हुए।

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