जीवन में माता-पिता, गुरुजन का स्नेह, आर्शीवाद, सम्मान अहम- सुखवीर मांझी

शिवपुरी- इलेक्ट्रीशियनटे्रड में अध्ययनरत छात्र सुखवीर मांझी ने कहा कि जीवन में माता-पिता, गुरुजन का स्नेह, आर्शीवाद सम्मान अहम है। इसके अभाव में वैभव, गौरवशाली जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। सिफीनेट आई.टी.आई कॉलेज में स्वराज द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम के दौरान एक अन्य छात्र हेमन्त कुशवाह ने कहा कि सुबह उठकर माता-पिता के चरण छूने से हमारे अन्दर उत्कृष्ट संस्कार ही नहीं, हमें अनुशासित जीवन की प्रेरणा भी मिलती है और गुरुओं का सम्मान हमारा चरित्र निर्माण करता है। 
         चर्चा के दौरान स्वराज विचार के मुख्य संयोजक व्ही.एस.भुल्ले ने छात्रों को सम्बोधित करते हुये कहा कि हमारी महान संस्कृति में मौजूद संस्कार, सामाजिक सरोकार ही नहीं, इनका प्रमाणिक, वैज्ञानिक आधार भी है। जिनको आचरण में ढालने पर हमें प्रमाणिक परिणाम भी प्राप्त होते है और हम सुसंस्कृत भी बनते है, जो व्यक्ति, परिवार, समाज ही नहीं, राष्ट्र को भी पहचान देते है।         
         उन्होंने कहा कि सहज, सक्षम, रोजगार के लिये शिक्षा, तकनीक के माध्यम से समाज सेवा और नई सोच को विकसित करने मेें कत्र्तव्य और जबावदेही को अहम बताया, जिसका निर्वहन हमें हर हालत में करना चाहिए।  
          इस मौके पर श्री व्ही.एस.भुल्ले के अलावा इन्सीटुयूट के इन्सटेक्टर शिक्षक हरेन्द्र अहिरवार, बालकृष्ण मुरारी शर्मा, प्रशान्त श्रीवास्तव के अलावा स्वराज के शिवशंकर, धर्मेन्द्र गुर्जर और तमाम छात्र मौजूद थे।