पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली -चुनाव आयोग ने रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को टीवी चैनलों को दिए गए उनके साक्षात्कार को लेकर जारी नोटिस वापस ले लिया गया।
यह नोटिस 13 दिसंबर को दूसरे चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले जारी किया गया था। इसमें चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से पूछा था कि आचार संहिता उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
यह नोटिस 13 दिसंबर को दूसरे चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले जारी किया गया था। इसमें चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से पूछा था कि आचार संहिता उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
इस पर उनसे 18 दिसंबर को शाम पांच बजे से पहले जवाब मांगा गया था। राहुल गांधी को नोटिस जारी होने के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच काफी आरोप-प्रत्यारोप लगे थे।
कांग्रेस ने भाजपा पर पत्रकारों को धमकाने का आरोप भी लगाया था।
साथ ही चुनाव आयोग पर भाजपा के लिए काम करने का आरोप भी मढ़ा था। चुनाव आयोग का यह फैसला गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव परिणामों से ठीक एक दिन पहले आया है।
आयोग ने बनाई नई समिति
इस मामले के चलते चुनाव आयोग ने नए दिशा-निर्देशों को लेकर नई समिति बनाने का भी फैसला किया है। यह समिति अलग-अलग पक्षों से बात करने के बाद अपनी रिपोर्ट देगी।
राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं को दिया रात्रिभोज
कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के एक दिन बाद राहुल गांधी ने रविवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं को रात्रिभोज दिया।
कांग्रेस सांसदों के साथ कई वरिष्ठ विपक्षी नेताओं ने रात्रिभोज में शिरकत की। राहुल की इस पहल को विपक्षी नेताओं को साथ लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
इस रात्रि भोज का आयोजन ऐसे समय किया गया जब विपक्ष संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी में जुटा है।

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