आदिवासी वोट बैंक को रिझाने में जुटी कांग्रेस प्रदेश की 47 आदिवासी सीटों पर निकालेगी जनचेतना रैली
*सहरिया क्रांति की आहट केबाद कांग्रेस सतर्क हुई
*आजादी के बाद पहली बार बदला आदिवासियों ने वोट
बैतूल १४ मार्च ;अभी तक; प्रदेश में विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू होने के बाद पिछले 14 वर्षाे से सत्ता से बाहर चल रही कांग्रेस अपने परंपरागत आदिवासी वोट बैंक को वापस अपने खेमे में करने की कवायद में जुट गई है।सहरिया क्रांति ,एक सामाजिक आंदोलन से जुड़कर ग्वालियर चम्बल संभाग के कई जिलों में शराब विरोधी मुहिम प्रारम्भ हुई और आदिवासियों के दिमाग चलना शुरू हो गए कोलारसर्ओर मुंगावली में 35 प्रतिशत आदिवासी मत फूल पर गए जिससे कांग्रेस आलाकमान चिंतित हो गया कांग्रेस से अदिवासियों का मोहभंग होने से चिंतित पार्टी के आला नेता सबसे पहले अपने इस परंपरागत वोट बैंक को रिझाने की कवायद में जुट गए है। इसे अमलीजामा पहनाने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस के अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ द्वारा प्रदेश की सभी 47 आदिवासी विधानसभा सीटों में आगामी एक से 30 अपै्रल के बीच जनचेतना रैली निकाल रही है। जनचेतना रैली की तैयारियों के लिए मंगलवार को बैतूल में बैतूल के साथ ही छिंदवाड़ा और हरदा जिले के आदिवासी विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख नेताओं की बैठक हुई।
वर्षाे तक कांग्रेस का वोट बैंक रहा आदिवासी वर्ग
देश में लंबे समय तक आदिवासी वर्ग कांग्रेस परंपरागत वोट बैंक रहा है। जिसके दम पर कांग्रेस ने देश और प्रदेश में वर्षो तक एक सत्र राज किया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार आदिवासी आत्मा से कांग्रेस के साथ जुड़ा है लेकिन भाजपा ने सुनियोजित तरीके से सहरिया क्रांति आंदोलन को कॉपी कर लिया और कब इसमें सेंधमारी कर दी इसका पता कोंग्रेस को तब चला जब यकायक भाजपा का मत प्रतिशत बढ़ा।
*चुनाव के पहले सताई चिंता
प्रदेश में पिछले तीन चुनाव में हार का मुंह देख रही कांग्रेस को प्रदेश में चौथी हार से बचने आदिवासी वोटों को अपने पक्ष में करने रणनीति बनाई जाने लगी। कांग्रेस के साथ आत्मा से जुड़े आदिवासियों से वही पुराना रिश्ता वापस स्थापित करने अभा कांग्रेस के निर्देश पर कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अजय शाह द्वारा प्रदेश की सभी 47 आदिवासी विधानसभा सीटों पर जनचेतना रैली निकाली जा रही है। इसके लिए अखिल भारतीय कांग्रेस द्वारा दो पर्यवेक्षक भी नियुक्त कर दिए गए है।
प्रदेश को पांच जोन में बांटकर कर रहे कार्य
कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अजय शाह ने प्रदेश की सभी 47 विधानसभा सीटों को पांच जोन में बांटा है। जिसमें बैतूल के साथ ही खरगौन, जबलपुर, शहडोल और रतलाम जोन बनाए गए है। जिसमें आसपास के जिलों की विधानसभा सीटों को शामिल किया गया है। पांचो जोन में बैठक कर जनचेतना रैली की रूपरेखा बनाई जा रही है।
बैतूल जोन में शामिल है छह विधानसभा
जन चेतना रैली निकालने की रूपरेखा बनाने सोमवार को बैतूल जोन की पहली बैठक जैन दादावाड़ी में रखी गई। बैठक में बैतूल जिले की आदिवासी विधानसभा घोड़ाडोंगरी और भैंसदेही के साथ ही बैतूल जोन में रखे गए छिंदवाड़ा जिले की आदिवासी सीट जुन्नारदेव, अमरवाड़ा और पांढुर्णा तथा हरदा जिले की टिमरनी विधानसभा क्षेत्र को शामिल किया गया है।
बैतूल से शुरुआत
प्रदेश में जनचेतना रैली निकालने को लेकर तैयारियों की शुरूवात मंगलवार को बैतूल जोन से हुई। मंगलवार को जैन दादावाड़ी में आयोजित बैठक में कांग्रेस अजजा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अजय शाह, जनचेतना रैली के लिए एआईसीसी द्वारा नियुक्त किए गए पर्यवेक्षक विक्रांत भूरिया, राहुल सालवे, प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष विनोद डागा, एसटी प्रकोष्ठ प्रदेश महासचिव कामिनी शाह, सचिव डॉ. शीलू चिमूरकर के साथ ही कांग्रेस जिला अध्यक्ष समीर खान, पूर्व विधायक धरमूसिंह सिरसाम, पूर्व नपाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र देशमुख, सेवादल जिला अध्यक्ष मनोज आर्य, निलय डागा, सुनील शर्मा, पूर्व मंत्री प्रतापसिंह उईके, राहुल उईके, ब्रह्मा भलावी, ब्रज पांडे, गंगा रावत, छिंदवाड़ा और हरदा जिले के प्रमुख कांग्रेस नेता मौजूद थे। बैठक में सभी छह विधानसभा से आए प्रमुख कांग्रेसी नेता के साथ ही इन विधानसभाओं से चुनाव लडऩे के इच्छुक दावेदार मौजूद थे।
इस बार नीचे से तय होंगे नाम
अजजा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय शाह ने बताया कि इस बार प्रदेश में युवाओं और महिलाओं को अधिक से अधिक टिकिट दिए जाएंगे। दावेदारों का चयन विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख नेताओं की अनुशंसा पर दावेदारों की योग्यता को देखते हुए किया जाएगा। श्री शाह ने कहा कि क्षेत्र के प्रमुख कांग्रेस नेताओं की अनुशंसा पर ही टिकिट दी जाएगी।
विधानसभा के प्रमुख गांवो में पहुंचेगी रैली
श्री शाह ने बताया कि भाजपा के शासन में आदिवासी सबसे अधिक प्रताडि़त है। मुख्यमंत्री सिर्फ घोषणावीर बने हुए है। ऐसे में समाज के निचले तबके की ओर किसी का ध्यान ही नहीं है। हम प्रदेश के पांचो जोन में बैठक कर जनचेतना रैली की व्यापक रूपरेखा बनाई जाएगी। 1 से 30 अपै्रल तक सभी 47 विधानसभा क्षेत्रों में जनचेतना रैली निकाली जाएगी जो विधानसभा क्षेत्र के सभी प्रमुख गांवों में पहुंचकर आदिवासियों की समस्याओं को सुनेंगे इसके साथ सबसे पीडि़त वर्ग की आवाज सुनकर कांग्रेस जनों को एकजुट करेंगे।

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