आज परीक्षा फार्म भरने की आखिरी तारीख, हजारों छात्रों के नामांकन ही नहीं हुए जनरेट

Image result for जीवाजी विश्वविद्यालयपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ ग्वालियर -जीवाजी विश्वविद्यालय में शुक्रवार को भी हड़ताल जारी रही। हड़ताल के चलते जेयू के सारे काम ठप रहे और वे छात्र सबसे ज्यादा परेशान दिखे, जिन्हें 17 मार्च तक परीक्षा फार्म भरना है। इन छात्रों के नामांकन नंबर ही अब तक जनरेट नहीं हो सके हैं। ऐसी स्थिति में छात्र परीक्षा फार्म भरने से वंचित हो जाएंगे। इसी चिंता में डूबे छात्र व अभिभावक अधिकारियों के पास अपनी फरियाद लेकर खड़े रहे। लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं था। वहीं दूसरी ओर स्थायी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर भवन के बाहर धरने पर बैठे रहे। साथ ही दैनिक वेतन भोगियों को भी काम नहीं करने दिया। कार्यालयों में छुट्टी जैसा माहौल रहा। 31 मार्च के बाद से स्नातक की परीक्षाएं शुरू होनी हैं, लेकिन नामांकन जनरेट नहीं होने से परीक्षा फार्म नहीं भर पा रहे हैं। इसके अलावा जेयू के पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं है, जिससे हड़ताल के दौरान छात्रों को परेशान से बचाया जा सके।
कुलपति को करना पड़ा हस्तक्षेप, तब डिग्री
वाराणसी निवासी लक्ष्मी दीक्षित व सफीना ने केएस नर्सिंग कॉलेज से एमएससी की थी। अपनी डिग्री के लिए दोनों महिलाएं वाराणसी से ग्वालियर आईं और जेयू में पहुंचीं तो उन्हें डिग्री देने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद दोनों महिलाएं कुलपति के पास पहुंचीं और अपनी परेशानी से अवगत कराया। कुलपति के हस्तक्षेप के बाद उन्हें डिग्री मिली। लेकिन फिर भी उन्हें पूरा दिन लग गया।
- ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों से भी छात्र अपनी समस्या लेकर पहुंचे। मार्कशीट में करेक्शन, डिग्री, डुप्टीकेट मार्कशीट आदि समस्या लेकर पहुंचे।
कितना परीक्षाओं का मूल्यांकन, नहीं पता
यूजी पहला, तीसरा व पांचवां सेमेस्टर तथा पीजी का तीसरा सेमेस्टर, एलएलएम पहला, तीसरा सहित अन्य परीक्षाओं के कितने मूल्यांकन निपटे हैं या नहीं। रिजल्ट कब तक आएंगे। अधिकारी यह बताने की स्थिति में नहीं हैं। छात्रों को आगे की चिंता सताने लगी है।
- हड़ताल खत्म होने के बाद जेयू में अफरा-तफरी का माहौल बन सकता है, क्योंकि नामांकन के लिए छात्रों का दबाव बढ़ेगा। दस्तावेजों में कोई गलत जानकारी भर जाती है तो उन्हें सुधरवाने के लिए उन्हें फिर से परेशान होना पड़ सकता है।