कुलपति को करना पड़ा हस्तक्षेप, तब डिग्री
वाराणसी निवासी लक्ष्मी दीक्षित व सफीना ने केएस नर्सिंग कॉलेज से एमएससी की थी। अपनी डिग्री के लिए दोनों महिलाएं वाराणसी से ग्वालियर आईं और जेयू में पहुंचीं तो उन्हें डिग्री देने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद दोनों महिलाएं कुलपति के पास पहुंचीं और अपनी परेशानी से अवगत कराया। कुलपति के हस्तक्षेप के बाद उन्हें डिग्री मिली। लेकिन फिर भी उन्हें पूरा दिन लग गया।
- ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों से भी छात्र अपनी समस्या लेकर पहुंचे। मार्कशीट में करेक्शन, डिग्री, डुप्टीकेट मार्कशीट आदि समस्या लेकर पहुंचे।
कितना परीक्षाओं का मूल्यांकन, नहीं पता
यूजी पहला, तीसरा व पांचवां सेमेस्टर तथा पीजी का तीसरा सेमेस्टर, एलएलएम पहला, तीसरा सहित अन्य परीक्षाओं के कितने मूल्यांकन निपटे हैं या नहीं। रिजल्ट कब तक आएंगे। अधिकारी यह बताने की स्थिति में नहीं हैं। छात्रों को आगे की चिंता सताने लगी है।
- हड़ताल खत्म होने के बाद जेयू में अफरा-तफरी का माहौल बन सकता है, क्योंकि नामांकन के लिए छात्रों का दबाव बढ़ेगा। दस्तावेजों में कोई गलत जानकारी भर जाती है तो उन्हें सुधरवाने के लिए उन्हें फिर से परेशान होना पड़ सकता है।

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