CM योगी की बहन आज भी बेचती है चाय, 23 साल से नहीं बांधी राखी

CM योगी की बहन आज भी बेचती है चाय, 23 साल से नहीं बांधी राखीपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ -19 मार्च को  योगी आदित्यनाथ  की सरकार ने एक साल पूरा किया। इस मौके पर हर कोई योगी की नीतियों को पूर्व सीएम अखिलेश यादव से तुलना कर रहा है। योगी ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने अपनी राजनीति में कभी परिवारवाद को हावी नहीं होने दिया। एक ओर जहां सपा शासन में चाचा से लेकर बीवी-बहू तक पॉलिटिक्स में उतर आई थीं, वहीं दूसरी तरफ योगी का परिवार आज भी सादगी की जिंदगी जी रहा है।

बहन चलाती है प्रसाद और चाय की दुकान 

- सीएम मूलतः उत्तराखंड के रहने वाले हैं। 7 भाई-बहनों में वे 5वें नंबर के भाई हैं। 
- योगी की एक बहन आज भी उत्तराखंड के कोठार गांव में छोटी सी दुकान चलाकर गुजर-बसर करती है। 
- शशि पयाल कोठार गांव में बने पार्वती मंदिर के पास अपने पति पूरन सिंह के साथ रहती हैं। वो यहां प्रसाद-पूजन सामग्री के साथ चाय की दुकान चलाती हैं। \

सीएम बनने से पहले हुई थी मुलाकात

- शशि के मुताबिक उन्होंने आखिरी बार अपने भाई योगी आदित्यनाथ से 11 फरवरी 2017 को मुलाकात की थी।
- एक बेटे और दो बेटियों की मां शशि ने कभी नहीं सोचा था कि उनका छोटा भाई यूपी का मुख्यमंत्री बन जाएगा। 
- शशि बताती हैं, "सभी भाइयों से उनका स्वभाव ही कुछ और था। वो हमारे पिताजी से कहते थे- आपने किया ही क्या, सिर्फ अपने बच्चों को पाला है। मैं बड़ा होकर जनता की सेवा करूंगा। हमें लगता था कि छोटा बच्चा मजाक में यह बातें कह रहा है, लेकिन आज उनकी बातें सच हो रही हैं।"

हर साधु में ढूंढती थी अपने भाई को

- शशि के छोटे भाई अजय सिंह बिष्ट 22 साल के थे जब वे संन्यास लेने गोरखपुर आए। दीक्षा लेने के बाद उनका नाम योगी आदित्यनाथ पड़ा था। 
- शशि ने बताया, "जब हमें पहली बार पता चला कि अजय एक योगी बन गए हैं, हमें लगता था कि वैसे ही भिक्षु बन गए होंगे, जो अकसर गांव में मांगने के लिए आते हैं।"
- "मैं गांव के बाहर जंगल में फूल-पत्ती लेने जाती थी। वहां कई बार साधु वेशधारी भिक्षा मांगते नजर आते थे। मैं उन्हें गौर से देखती थी और पहचानने की कोशिश करती थी कि कहीं इनमें मेरा भाई तो नहीं।"
- शशि ने अपने भाई को 23 साल से राखी नहीं बांधी है। उन्होंने अंतिम बार राखी अजय के योगी बनने से पहले ही बांधी थी।