2019 में पूरे विपक्ष के साथ मुकाबला करने के लिए तैयार हैं: अमित शाह

पूनम  पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली -
 बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह  ने 2019 में सभी विपक्षी दलों को एक साथ मोदी के साथ मुकाबला करने के आइडिया का स्वागत किया है। शाह ने हाल में विपक्ष द्वारा प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि 300 से ज्यादा सांसदों के समर्थन वाला एनडीए लोकसभा में आसानी से इसका सामना कर लेगा 
amit shah welcomes the idea of idea of modi vs rest in 2019अमित शाह ने कहा, 'आखिर अविश्वास प्रस्ताव इतनी देर से क्यों लाया जा रहा है, हमारी सरकार इस प्रस्ताव का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सदन में नियमों के हिसाब से मुद्दों पर बहस होनी चाहिए। कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों को अपनी आने वाली हार दिख रही है और इसीलिए वे सदन के कामकाज में बाधा डाल रहे हैं।
हालिया उपचुनाव में जीत के बाद विपक्ष द्वारा बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन बनाए जाने की अटकलों पर बीजेपी चीफ ने कहा, 'एक समय था जब इंदिरा गांधी के खिलाफ पूरा विपक्ष लामबंद होता था और अब पूरा परिदृश्य बदल चुका है। अब मोदी के खिलाफ पूरा विपक्ष लामबंद हो रहा है।' शाह ने कहा कि इस समय भारत के 67 पर्सेंट इलाके में बीजेपी का शासन है। वाईएसआर कांग्रेस और तेलगू देशम पार्टी द्वारा आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग पर लोकसभा में दिए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर अमित शाह ने कहा कि एक तरफ तो विपक्ष सदन की कार्रवाई चलने नहीं दे रहा है, दूसरी तरफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस भी दिया जा रहा है। 

अमित शाह ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर-पूर्वी राज्यों में बीजेपी को मिली जीत का उदाहरण देते हुए कहा कि एनडीए भारत में तेजी से बढ़त बना रहा है। उन्होंने कहा, 'यह निर्णय लोगों को लेना है कि वह दोबारा भारत के सबसे सफल प्रधानमंत्री में अपना भरोसा जताते हैं। यह एक ढीले-ढाले गठबंधन को वोट करते हैं।' शाह ने कहा कि कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी में बीजेपी की शक्ति का लोहा मानते हुए उसके बूथ मैनेजमेंट की तारीफ की है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस सत्ता का सपना देख रही है और हम चाहते हैं कि वे इसका सपना ही देखते रहें। चुनाव आने दीजिए, बीजेपी 2014 के मुकाबले और भी ज्यादा सीटें जीतेगी।' 

अमित शाह ने विपक्ष द्वारा बीजेपी के सत्ता के मद में चूर होने के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पार्टी कड़ी मेहनत से धीरे-धीरे आगे बढ़ने में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा, 'बीजेपी कभी विभाजित नहीं हुई है, जबकि कांग्रेस के नेता हर हार के बाद एक नई पार्टी बना लेते हैं।'