पत्रकारों को आधुनिक तकनीक के उपयोग के साथ अपडेट रहने की आवश्कता,

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ शिवपुरी -समय के अनुसार पत्रकारिता में भी बदलाव आया है। संचार के साधनों में वृद्घि हुई है। उसी गति से समाचारों में भी तेजी आई है। अतः पत्रकारों को हमेशा आधुनिक तकनीक के उपयोग के साथ अपडेट रहने की आवश्यकता है। यह विचार पत्रकार प्रशांत जैन ने रविवार को मीडिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। जिला जनसंपर्क कार्यालय शिवपुरी द्वारा एक होटल में कार्यक्रम रखा गया था। जिसमें पत्रकारों को पत्रकारिता की कौशल बारीकियों पर चर्चा कर उन्हें नवीन तकनीक से अवगत कराना था। कार्यक्रम में पत्रकार पवन देवलिया, प्रमोद भार्गव, अशोक कोचेटा, वीरेन्द्र वशिष्ठ ने भी अपने विचार व्यक्त किए। मीडिया संवाद कार्यक्रम में स्थानीय पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का भी जवाब भी दिया गया। जैन ने कहा कि समय के अनुसार जिस प्रकार संचार माध्यमों में वृद्घि हुई उसी रफ्तार से समाचार एवं सूचनाओं में भी गति आई है। संचार माध्यमों के कारण समाचार का स्वरूप भी बदला है। इसके लिए पत्रकारों को सदैव हमेशा अपडेट रहना होगा। उन्होंने कहा कि समाचार लिखते वक्त खबरों की पुष्टि एवं प्रमाणिकता पर विशेष ध्यान दें। बिना पुष्टि किए हुए समाचार को आगे न बढ़ाएं। जैन ने कहा कि पत्रकार समाज का महत्वपूर्ण अंग है, नकारात्मक समाचारों के साथ-साथ समाज में एवं शासन द्वारा किए जाने वाले सकारात्मक कार्यों को भी समाचार पत्रों एवं चैनलों में स्थान दें। जैन ने पानी संरक्षण विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है, पूरी दुनिया में दो तिहाई हिस्से में पानी है। उन्होंने राज्य सरकार की क्षिप्रा एवं नर्मदा नदी जोड़ अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारा नैतिक कर्तव्य है कि पानी का हम संरक्षण करें। विभिन्न माध्यमों से लोगों को पानी संरक्षण के प्रति जागरूक भी करें। देवलिया ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में चुनौतियां है, लेकिन अपने कार्य में पत्रकार कभी विचलित न हों, पत्रकार हमेशा जनता के हितों को तथ्यों के साथ रखें। पत्रकार मां सरस्वती के उपासक है। पत्रकार विषय विशेषज्ञों से सीखने की प्रवृति को जारी रखें।
Image result for manthannews.inअन्ना हजारे से लें प्रेरणा
प्रमोद भार्गव ने देश में अन्ना हजारे द्वारा राले गांव में किए गए जलसंरक्षण के कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि हमें उनसे प्रेरणा लेकर जलसंरक्षण के कार्य को आगे बढ़ाना होगा। इस कार्य में जनभागीदारी भी करनी होगी। उन्होंने आत्महत्याओं की प्रवृत्ति रोकने में मीडिया की भूमिका विषय पर बोलते हुए कहा कि आत्महत्या के समाचार ऐसे लिखे जाएं जिससे युवा प्रेरित न हों। उन्होनें कहा कि हमें आत्महत्या को प्रेरित करने वाली घटनाओं को हतोत्साहित करने की आवश्यकता है।
अशोक कोचेटा ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में 50 वर्षों की काफी परिवर्तन आया है, इसके पीछे आधुनिक तकनीक है। इस दौरान पत्रकारिता का विस्तार भी हुआ है। पत्रकारिता एक मिशन के रूप में थी, लेकिन आज पत्रकारिता का स्वरूप बदला है। वीरेन्द्र वशिष्ठ ने कहा कि शहरी क्षेत्र की अपेक्षा ग्रामीण परिवेश की पत्रकारिता में काफी समस्याएं आती हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार को समाज की छोटी से छोटी समस्याएं भी सामने लाना चाहिए। पत्रकार समाचार को लिखने से पहले उसको परखे और सभी पक्षों को रखें। उन्होंने युवा पत्रकारों से वरिष्ठ पत्रकारों का अनुसरण करने का भी आग्रह किया। उपसंचालक अनूप सिंह भारतीय ने मीडिया संवाद कार्यक्रम की उद्देश्यों एवं महत्व पर प्रकाश डाला। संचालन अरूण अपेक्षित ने किया। पत्रकारों का शॉल, श्रीफल एवं पुष्पाहारों से सम्मान भी किया गया।