पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने 256 अनुपयोगी कानूनों को समाप्त करने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में ये फैसला लिया गया।
न्याय सुधार की ओर प्रदेश सरकार ने पहल करते हुए सभी कानूनों की

समीक्षा कर असामयिक व अनुपयोगी कानूनों को चिह्नित कर समाप्त करने का फैसला किया था। इसके तहत शासन ने अफसरों से अपने-अपने विभागों की समीक्षा कर खत्म किए जाने वाले कानूनों की जानकारी मांगी थी।
राज्य विधि आयोग ने भी अनुपयोगी कानूनों को खत्म करने की संस्तुति की थी। सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट ने 256 अनुपयोगी और असामयिक कानूनों को समाप्त करने की सहमति दे दी है।
इन विभागों ने खत्म किए अनुपयोगी कानून
कानून वित्त, बेसिक शिक्षा, पंचायतीराज, श्रम व मनोरंजन, खेलकूद व युवा कल्याण, होमगार्ड, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, लोक निर्माण, सचिवालय प्रशासन, भाषा, महिला कल्याण, आवास, औद्योगिक विकास, कार्मिक नगर विकास, सिंचाई, गृह व सतर्कता, कृषि, परिवहन, न्याय, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण जैसे विभागों से जुड़े बताए गए हैं।
राज्य विधि आयोग ने भी अनुपयोगी कानूनों को खत्म करने की संस्तुति की थी। सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट ने 256 अनुपयोगी और असामयिक कानूनों को समाप्त करने की सहमति दे दी है।
इन विभागों ने खत्म किए अनुपयोगी कानून
कानून वित्त, बेसिक शिक्षा, पंचायतीराज, श्रम व मनोरंजन, खेलकूद व युवा कल्याण, होमगार्ड, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, लोक निर्माण, सचिवालय प्रशासन, भाषा, महिला कल्याण, आवास, औद्योगिक विकास, कार्मिक नगर विकास, सिंचाई, गृह व सतर्कता, कृषि, परिवहन, न्याय, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण जैसे विभागों से जुड़े बताए गए हैं।

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