पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ -राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहनराव भागवत ने कहा कि राम मंदिर निर्माण का कार्य वर्ष 1986 से चल रहा है। मुख्य कठिनाई यह है कि जिन्हें राम मंदिर बनाना है, उन्हें स्वयं राम बनना होगा। जब ऐसा होगा, तब स्वयं ही मंदिर का सुंदर और भव्य परिवेश बनेगा।
उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प भी है, प्रयास भी है लेकिन उसके लिए हमें इस लायक बनना पड़ेगा। अब समय नजदीक है, परिस्थितियां भी अनुकूल होने लगी हैं। भागवत छतरपुर के मऊसहानियां स्थित शौर्यपीठ में महाराजा छत्रसाल की 52 फीट ऊंची प्रतिमा के अनावरण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प भी है, प्रयास भी है लेकिन उसके लिए हमें इस लायक बनना पड़ेगा। अब समय नजदीक है, परिस्थितियां भी अनुकूल होने लगी हैं। भागवत छतरपुर के मऊसहानियां स्थित शौर्यपीठ में महाराजा छत्रसाल की 52 फीट ऊंची प्रतिमा के अनावरण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
संघ प्रमुख भागवत ने किया छत्रसाल की प्रतिमा का अनावरण
छतरपुर के मऊसहानियां स्थित शौर्यपीठ में महाराजा छत्रसाल की 52 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहनराव भागवत थे। महाराजा छत्रसाल ने अपने 82 वर्ष के जीवन में 52 युद्ध लड़े । इसलिए प्रतिमा की ऊंचाई 52 फीट और जमीन से तलवार तक की कुल ऊंचाई 82 फीट रखी गई है।

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