विवाद थामने के बाद होगा योगी मंत्रिमंडल का विस्तार, अपना दल को मिल सकता है तोहफा



उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में व्यापक फेरबदल और विस्तार का खाका तैयार कर कर लिया गया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के 10 अप्रैल को लखनऊ प्रवास और सहयोगी दलों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद इसे अमली जामा पहनाया जाएगा। 

मंगलवार को सुहेल देव पार्टी के मुखिया ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात के बाद बुधवार को अपना दल की अनुप्रिया पटेल के साथ बैठक में शाह ने सभी दलों की समस्याएं और शिकायतें दूर करने का भरोसा दिया।

ना जा रहा है कि बेहतर तालमेल के लिए राजभर के विभाग में जहां बदलाव होगा, वहीं अपना दल को विधान परिषद की एक सीट के साथ एक मंत्री पद भी दिया जाएगा। संसद भवन परिसर में शाह के साथ हुई बैठक में अनुप्रिया ने पार्टी की परेशानियों से अवगत कराया।

बताते हैं कि अनुप्रिया ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार का समर्थन करने की बात कही। साथ ही पार्टी की उपेक्षा की शिकायत भी की। राजभर की तरह उन्होंने भी पार्टी नेताओं को प्रशासन द्वारा तवज्जो न दिए जाने की शिकायत की और राज्य के आधे जिलों में एसपी-डीएम और थानों में नियुक्ति में ओबीसी और दलित बिरादरी को जगह देने की मांग की। 

पार्टी सूत्रों ने बताया कि गोरखपुर-फूलपुर उपचुनाव के प्रतिकूल नतीजे और सपा-बसपा के साथ से बदली परिस्थितियों में नई रणनीति अपनाने का तानाबाना बुना जा रहा है। इसका सबसे पहला असर योगी मंत्रिमंडल के पहले विस्तार में दिखेगा।

शाह के लखनऊ प्रवास के बाद होने वाले विस्तार में कई मंत्रियों की छुट्टी होगी। सपा-बसपा की काट के लिए जातिगत खांचे में फिट बैठने वाले नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। इसी प्रकार संगठन में भी बेहतर चेहरों को शामिल किए जाने की योजना है।