डीआईजी चौधरी ने डीएसपी स्तर के अधिकारियों की जोनवार टीम बनाई है। यह टीम शहर में सूचना संकलन का काम करेगी और किसी भी प्रकार के कार्यक्रम, आयोजन और आंदोलन की जानकारी मिलने पर अधिकारियों और संबंधित थाना प्रभारी को सूचित करेगी। उन्होंने कहा कि 10 और 14 अप्रैल होने वाले कार्यक्रमों पर विशेष नजर रखी जाए तथा पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए जाने चाहिए। इस दौरान सोशल मीडिया पर चलने वाली पोस्ट, वीडियो, ऑडियो तथा मैसेज पर विशेष नजर रखी जा रही है। कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार का गलत मैसेज का प्रसारण करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कैमरों से रखें शहर पर नजर
सीसीटीवी सर्विलांस के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे शहर के सभी कैमरों पर नजर रखें। खासकर भीड़भाड़ वाले इलाकों की लगातार मानीटिरिंग की जानी चाहिए। बाजारों, रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन के दौरान संदिग्ध और असामाजिक तत्वों पर निगाह रखें तथा संदिग्ध व्यक्ति के बारे में तत्काल ही पुलिस कंट्रोल रूम और स्थानीय पुलिस को सूचना दें। पुलिस कंट्रोल रूम के अधिकारियों से कहा गया है कि हर प्रकार की सूचना को गंभीरता से लें और उसे तुरंत ही संबंधित अधिकारियों और पुलिस थाने तक पहुंचाएं, जिससे त्वरित कार्रवाई की जा सके।
आपत्तिजनक पोस्ट पर 10 को नोटिस जारी
डीआईजी चौधरी ने बताया कि सोशल मीडिया जैसे वॉट्सएप, फेसबुक, ट्विटर आदि पर आपत्तिजनक, भड़काऊ और साम्प्रदायकि सद्भाव बिगाड़ने वाले मैसेज, वीडियो, ऑडियो जैसी सामग्री के प्रसारण पर रोक है। इसके बावजूद ऐसी सामग्री पोस्ट करने वाले 10 लोगों को चिन्हित किया गया है, जिनके खिलाफ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जिला दंडाधिकारी ने एक सितंबर 2017 को पहली बार सोशल मीडिया पर रोक लगाई थी। इस आदेश के बाद आधा दर्जन लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था, जबकि लगभग दो दर्जन लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। वॉट्सएप मानीटरिंग सेल लगातार सोशल मीडिया पर नजर बनाए हुए हैं।
पुलिस की अपील
भोपाल डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी ने शहर की जनता से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कमेंट्स, पोस्ट अथवा वीडियो वायरल करता है तो उसकी सूचना पुलिस की वॉट्सएप मानीटरिंग सेल के मोबाइल नंबर 704910 6300 पर दें। पुलिस तत्काल ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

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