मंथन न्यूज़ भोपाल -मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी में कई महीनों से चली आ रही ऊहापोह की स्थिति पर जल्द ही विराम लगने की संभावना है। सांसद कमलनाथ-ज्योतिरादित्य सिंंधिया को प्रदेश की कमान सौंपी जा सकती है। इनके अलावा प्रदेश के अन्य बड़े नेताओं के बीच समन्वय स्थापित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस के विधि विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक तनखा को दी जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों दिल्ली में मध्य प्रदेश को लेकर हाईकमान की बैठक हुई। ये बैठक उस समय हुई, जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह न्याय यात्रा कर रहे थे। इनमें मप्र के दिग्गज नेताओं को भी दूर रखा गया। बैठक में विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के नेतृत्व परिवर्तन को लेकर भी चर्चा हुई थी।
नाथ को नेतृत्व व सिंयिा को चुनाव अभियान की कमान
सूत्र बताते हैं कि हाईकमान ने विधानसभा चुनाव के पहले फेरबदल का लगभग फैसला कर लिया है। इसमें प्रदेश कांग्रेस की कमान सांसद कमलनाथ और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष के रूप में ज्योतिरादित्य सिंधिया को जिम्मेदारी देने की संभावना है। यही नहीं, प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के बीच समन्वय स्थापित करने में अच्छी भूमिका निभाने वाले विवेक तन्खा को भी समन्वयक के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
शंकराचार्य से लिया था आशीर्वाद
बताया जाता है कि सांसद कमलनाथ ने नरसिंहपुर के श्रीधाम स्थित शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज से झोंतेश्वर आश्रम में कुछ दिन पहले ही मुलाकात की थी और आशीर्वाद लिया था जबकि वे 9 अप्रैल को बरमानघाट में दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा के समापन कार्यक्रम में ही शंकराचार्य से मिले थे।
बदलाव इसलिए
प्रदेश कांग्रेस कमेटी में बदलाव का प्रमुख कारण विधानसभा चुनाव नजदीक होने के बावजूद पीसीसी द्वारा उचित ढंग से अपने कार्यक्रम तय नहीं कर पाना है। नेताओं के बीच समन्वय की कमी स्पष्ट रूप से झलकती है। एक ही समय में अलग-अलग नेताओं द्वारा कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है।
समय पर होगा फैसला
कमलनाथ और सिंधिया को कमान सौंपने के फैसले पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। जब उपयुक्त समय आ जाएगा तो फैसला हो जाएगा। आप लोगों को पता लग जाएगा - दीपक बाबरिया, एआईसीसी महासचिव, प्रदेश प्रभारी

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