सरकार ने संविदा भर्ती नीति नियम 2017 में संशोधन करना तय किया
भोपाल। प्रदेश के सरकारी विभागों में नियमित पदों पर संविदा भर्ती का रास्ता खुलने जा रहा है। अभी केवल संविदा पदों पर ही सेवानिवृत्त अफसरों की भर्ती हो पाती है। सरकार ने संविदा भर्ती नीति नियम 2017 में संशोधन करना तय किया है। प्रस्ताव शासन के पास है, जिसे आगामी कैबिनेट बैठक में लाया जा सकता है।
वर्तमान प्रक्रिया में नियमित पदों को सरेंडर कर इन्हें संविदा पदों में बदलना पड़ता है। संशोधित नियमों में सीधे नियमित पदों के विरुद्ध ही संविदा भर्ती हो सकेगी। अभी अधिकतम उम्र सीमा तय नहीं है, लेकिन संशोधित नियमों में 65 साल की उम्र तक ही भर्ती हो पाएगी। 60 साल की उम्र में सेवानिवृत्ति के बाद अफसर को एक साल की संविदा भर्ती दी जाएगी, जिसे बाद में 65 साल की उम्र तक वृद्धि दी जा सकेगी।
राज्य स्तरीय छानबीन समिति को अधिकार-
संविदा भर्ती के प्रकरण छानबीन समिति के पास जाएंगे। पूर्व में प्रदेश में यह व्यवस्था थी, लेकिन कुछ सालों पूर्व इसे समाप्त कर दिया गया था। अब इसे वापस लागू किया जाएगा। संविदा भर्ती में वृद्धि के प्रकरण भी यही समिति देखेगी।
चुनावी साल में बैकलॉग भर्ती पर भी फोकस
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार का फोकस बैकलॉग भर्ती पर भी है। इसके करीब एक लाख पद विभिन्न विभागों में खाली हैं। सितंबर-अक्टूबर में आचार संहिता लगने के आसार हैं। सरकार इसके पहले ही भर्ती की कोशिश में है। अगले महीने से वापस कवायद शुरू हो सकती है।
पहले बिना नियम होती थी भर्ती
सितंबर 2017 के पहले बिना राज्य स्तरीय नियमों के संविदा भर्ती की जाती थी। इसमें विभाग अपने स्तर पर प्रस्ताव तैयार करके सीनियर सेक्रेट्रिएट और कैबिनेट के जरिए भर्ती कर लेता था। बाद में संविदा भर्ती नीति तैयार की गई। इस नीति से सबसे पहली भर्ती सितंबर 2017 में ही सीएम के प्रमुख सचिव के पद पर हुई थी। इसके बाद इस नीति के आधार पर ही भर्ती करना तय किया गया।

Post a Comment