दिल्ली, एएनआइ। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दो भारतीय सेना के अधिकारियों के खिलाफ 'अवैध हस्तांतरण और पोस्टिंग' के आरोप में एफआईआर दर्ज करने के बाद आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल रंगनाथन सुब्रमणि मोनी को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने बताया कि उन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। 
त्रिवेन्द्रम से संबंधित अधिकारी अगस्त 1994 में कमीशन किया गया था और अगस्त, 2015 से सेना प्रमुख हेड क्वार्टर में तैनात किया गया है। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है और सेना मुख्यालय जांच पूरी होने का इंतजार कर रहा है और तब तक एजेंसी को जांच में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।
सीबीआई ने गुरुवार को रंगनाथन सुब्रमणि मोनी, सेना अधिकारी पुरुषोत्तम, गौरव कोहली और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। एफआईआर भ्रष्टाचार निवारण (पीसी) अधिनियम 1988 और भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी के तहत दर्ज की गई है।
सीबीआई प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि यह रिश्वत हवाला माध्यमों के जरिए दी जा रही थी। एजेंसी इस पर भी ध्यान दे रही है कि सैन्य अधिकारी अपनी पसंद की जगह पर तैनाती पाने के लिए किस प्रकार लाखों रपये देने के लिए तैयार थे। सैन्य मुख्यालय की कार्मिक शाखा के लेफ्टिनेंट कर्नल मोनी, हैदराबाद में रह रहे सैन्य अधिकारी पुरषोत्तम, भारतीय सेना में बीएसओ बेंगलूरू के गौरव कोहली एवं एस सुभाष के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ऐसा आरोप है कि मोनी ने कोहली एवं सैन्य अधिकारी पुरषोत्तम के साथ मिलकर विभिन्न अधिकारियों के तबादलों को प्रभावित करने के लिए एक आपराधिक षड़यंत्र रचा।

त्रिवेन्द्रम से संबंधित अधिकारी अगस्त 1994 में कमीशन किया गया था और अगस्त, 2015 से सेना प्रमुख हेड क्वार्टर में तैनात किया गया है। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है और सेना मुख्यालय जांच पूरी होने का इंतजार कर रहा है और तब तक एजेंसी को जांच में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।
सीबीआई ने गुरुवार को रंगनाथन सुब्रमणि मोनी, सेना अधिकारी पुरुषोत्तम, गौरव कोहली और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। एफआईआर भ्रष्टाचार निवारण (पीसी) अधिनियम 1988 और भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी के तहत दर्ज की गई है।
सीबीआई प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि यह रिश्वत हवाला माध्यमों के जरिए दी जा रही थी। एजेंसी इस पर भी ध्यान दे रही है कि सैन्य अधिकारी अपनी पसंद की जगह पर तैनाती पाने के लिए किस प्रकार लाखों रपये देने के लिए तैयार थे। सैन्य मुख्यालय की कार्मिक शाखा के लेफ्टिनेंट कर्नल मोनी, हैदराबाद में रह रहे सैन्य अधिकारी पुरषोत्तम, भारतीय सेना में बीएसओ बेंगलूरू के गौरव कोहली एवं एस सुभाष के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ऐसा आरोप है कि मोनी ने कोहली एवं सैन्य अधिकारी पुरषोत्तम के साथ मिलकर विभिन्न अधिकारियों के तबादलों को प्रभावित करने के लिए एक आपराधिक षड़यंत्र रचा।

Post a Comment