मोदी ने आंग सान सू से की मुलाकात, उठा रोहिंग्या मुस्लिमों का मुद्दा

मंथनन्यूज दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तौर तरीकों पर चर्चा की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि भारत रखाइन प्रांत में हिंसा को लेकर म्यांमार की चिंता से इत्तेफाक रखता है. उन्होंने सभी पक्षों से देश की एकता और क्षेत्रीय अखंडता को संरक्षित रखने को कहा. उन्होंने म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की से मुलाकात की.

मोदी की  म्यांमार की पहली द्विपक्षीय यात्रा ऐसे समय हुई है जब रखाइन प्रांत में सेना के अभियान के बाद महज दो हफ्ते में बांग्लादेशी सीमा में 1,25,000 से अधिक रोहिंग्या शरणाथर्यिों के पहुंचने पर म्यांमार सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना कर रही है.

प्रधानमंत्री ने सू की के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में  यह भी कहा कि देश के भारत म्यांमार के सामने खड़ी चुनौतियों के बीच उसके साथ खड़ा है. मोदी और सू की ने बातचीत की तथा द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तौर तरीकों पर चर्चा की.

वार्ता के बाद मोदी ने कहा कि रखाइन प्रांत में हिंसा के मुद्दे पर भारत म्यांमार की चिंता से इत्तेफाक रखता है जहां निर्दोष लोगों और सैन्यकर्मियों की जान गई है. उन्होंने कहा कि बात जब शांति प्रक्रिया या समस्या को सुलझाने की होती है तो हम चाहते हैं कि सभी पक्ष म्यामां की एकता और क्षेत्रीय अखंडता को संरक्षित रखने की दिशा में काम करें.    
 सू की ने हाल में म्यामां के सामने आए आतंकी खतरे पर मजबूत रख के लिए भारत का धन्यवाद व्यक्त किया.
 

उन्होंने कहा कि भारत और म्यांमार मिलकर सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनकी धरती या पड़ोसियों की धरती पर आतंकवाद को जड़ें जमाने की अनुमति नहीं है.  रखाइन प्रांत में पिछले महीने रोहिंग्या उग्रवादियों द्वारा पुलिस चौकियों पर हमले किए जाने के बाद से सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने आह्वान किया है कि रखाइन राज्य के रोहिंग्या मुसलमानों को या तो नागरिकता दी जाए या कानूनी स्तर प्रदान किया जाए. उन्होंने हिंसा पर चिंता जताई जिसके चलते अगस्त के अंत से लगभग 1,25,000 रोहिंग्या मुसलमानों को वहां से भागना पड़ा है और क्षेत्र में अस्थिरता का जोखिम पैदा हुआ है.

      
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट में कहा, प्रधानमंत्री मोदी और काउंसलर आंग सान सू की ने म्यामां में मुलाकात की, भारत-म्यांमार के संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की.  
      
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया,  प्रधानमंत्री मोदी की एक महत्वपूर्ण मित्र स्टेट काउंसलर आंग सान सू की से मुलाकात. 

       
मोदी ने अपनी यात्रा से पहले कहा था कि भारत और म्यांमार सुरक्षा, आतंकवाद, व्यापार एवं निवेश, अवसंरचना, उर्जा तथा संस्कृति जैसे क्षेत्रों में मौजूदा सहयोग को भी मजबूत करना चाहते हैं.
      
मोदी अपनी दो देशों की यात्रा के दूसरे चरण में यहां पहुंचे हैं. पहले चरण में उन्होंने चीन के श्यामन शहर की यात्रा की जहां वह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल हुए और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तथा अन्य विश्व नेताओं से मुलाकात की.
      
यह मोदी की म्यांमार की पहली द्विपक्षीय यात्रा है. इससे पहले वह 2014 में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में शामिल होने म्यांमार पहुंचे थे.
      
पिछले साल सू की और म्यांमार के राष्ट्रपति ने भारत की यात्रा की थी.
      
म्यांमार भारत के रणनीतिक पड़ोसियों में से एक है और दोनों देशों के बीच 1,640 किलोमीटर लंबी सीमा है