स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य ने इस किताब के ज़रिये भाजपा का विज़न और भाजपा नेताओ के कार्य करने के अंदाज़ को बयां किया है। किताब में कई जगह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी ज़िक्र आया है और उनकी हिंदूवादी छवि पर रौशनी डाली गयी है।
बता दे कि किताब में योगी के गोरखपुर का सांसद बनने से लेकर मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने के सफर के बारे में बहुत सी बाते साझा करी गयी है। योगी को कोट करके किताब में उनका एक बयान है ‘अगर उनके रास्ते पर चलें तो देश की हर मस्जिद में हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियां होंगी।’
इस किताब में हिंदुत्व व भगवा रंग की छाया में लेखनी रंगी नजर आती है। इस किताब में एक लाइन है कि ‘देश की जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है, इसके जिम्मेदार मुस्लिम हैं जो सबसे ज्यादा बच्चे पैदा कर रहे हैं।’ लेखिका ने किताब में योगी को भी नसीहत दी और लिखा कि ‘उन्हें अब अपनी भावनाओं को रोकना चाहिए क्योंकि वह अब एक मुख्यमंत्री हैं। योगी को राज्य में अच्छा शासन लाना चाहिए।’
गौरतलब है इस किताब का ज़िक्र तब किया जा रहा है जब गुजरात विधानसभा और लोकसभा चुनाव सर पर है। भाजपा के हिंदुत्व कार्ड से शायद ही कोई व्यक्ति अवगत न हो लेकिन ये भाजपा का चुनावी हथियार रहा है और इस किताब के सहारे धर्म की राजनीती कर एक बार फिर चुनाव में जीत दर्ज करने की इच्छा की जा रही है।

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